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हाईकोर्ट सख्त : विद्युत उपभोक्ताओं को क्यों परेशान कर रहा पॉवर कॉरपोरेशन
Fri, 11 Feb 2022 01:19 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 11 Feb 2022 01:19 AM IST
सार
कोर्ट ने पूछा है कि चार साल से याची से निराधार भारी राशि की मांग कर उसे परेशान क्यों किया जा रहा है? कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। साथ ही यह बताने को कहा है कि क्यों न मिलक रामपुर के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों का ऑडिट कराया जाए।
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allahabad high court
- फोटो : social media
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कनेक्शन कटने के बाद बिल भेजे जाने के मामले में प्रमुख सचिव पॉवर एवं एनर्जी लखनऊ और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि दोनों अधिकारी रिकॉर्ड के साथ 15 फरवरी को तलब हों। यह आदेश यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने पुत्तन की याचिका पर दिया है।
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कोर्ट ने पूछा है कि चार साल से याची से निराधार भारी राशि की मांग कर उसे परेशान क्यों किया जा रहा है? कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। साथ ही यह बताने को कहा है कि क्यों न मिलक रामपुर के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों का ऑडिट कराया जाए।
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इससे पहले कोर्ट ने अधिशासी अभियंता को रिकॉर्ड के साथ तलब किया था। मगर वह न तो वह हाजिर हुए और न ही हाजिरी माफी की अर्जी दी थी। पॉवर कॉरपोरेशन के अधिवक्ता ने पेपर पेश किया, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर रख लिया है। बताया गया कि याची के खिलाफ जारी 31 लाख, 47 हजार, 773 रुपये की वसूली आदेश को संशोधित कर 2 लाख 45 हजार 952 कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अधिशासी अभियंता ने न केवल अवैध और मनमानी की है बल्कि दुर्भाग्यपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने जानबूझकर कोर्ट आदेश की अवहेलना की है।
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