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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court Son sentence upheld in 43-year-old case of throwing acid at his father.

High Court : 43 साल पहले पिता पर तेजाब फेंकने के मामले में बेटे की सजा बरकरार

Thu, 16 Jul 2026 03:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Jul 2026 03:41 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर में 43 साल पहले पिता पर तेजाब फेंकने के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई तीन साल के कठोर कारावास की सजा बरकरार रखी है।

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High Court Son sentence upheld in 43-year-old case of throwing acid at his father.
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर में 43 साल पहले पिता पर तेजाब फेंकने के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई तीन साल के कठोर कारावास की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने आरोपी को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण कर शेष सजा काटने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संतोष राय की एकल पीठ ने रज्जाक की याचिका पर दिया।

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अभियोजन के अनुसार पांच सितंबर 1981 को गोरखपुर के बिछिया गांव में रज्जाक का अपने पिता गुलाम हुसैन से विवाद हुआ था। इसी दौरान उसने पिता पर तेजाब फेंक दिया। इससे उनके शरीर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया। करीब तीन सप्ताह तक इलाज के बाद सेप्टीसीमिया और गंभीर जलन के कारण उनकी मृत्यु हो गई। ट्रायल कोर्ट ने 1983 में हत्या के आरोप की सुनवाई के बाद उसे चोट पहुंचाने के आरोप में दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। 

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