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High Court : शाहजहांपुर चिकटिया के ग्राम प्रधान और सचिव को राहत, कोर्ट ने दिया नए सिरे से जांच का आदेश
Sun, 27 Jul 2025 08:06 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 27 Jul 2025 08:06 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट से जिला शाहजहांपुर के बड़ा बांदा ब्लाक के चिकटिया ग्राम प्रधान और सचिव को राहत को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ डीएम द्वारा पारित 35 हजार, सात सौ तीन रुपये की राशि के वसूली आदेश पर रोक लगाते हुए उनके अभ्यावेदन पर फिर से विचार करने का आदेश पारित किया है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट से जिला शाहजहांपुर के बड़ा बांदा ब्लाक के चिकटिया ग्राम प्रधान और सचिव को राहत को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ डीएम द्वारा पारित 35 हजार, सात सौ तीन रुपये की राशि के वसूली आदेश पर रोक लगाते हुए उनके अभ्यावेदन पर फिर से विचार करने का आदेश पारित किया है।
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कोर्ट ने कहा है कि आदेश के क्रम में ग्राम प्रधान और सचिव तीन हफ्ते में डीएम के समक्ष फिर से अपना अभ्यावेदन सभी दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत करेंगे, जिस पर डीएम चार सप्ताह में नए सिरे से विचार कर उचित आदेश पारित करेंगे। इस दौरान प्रधान और सचिव दोनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने शाहजहांपुर के सत्यपाल सिंह व अन्य की ओर से दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचियों की ओर से अधिवक्ता वागीश पाण्डेय ने बहस की।
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याचियों की ओर से कहा गया कि डीएम ने अपने तीन अप्रैल 2025 के आदेश में हैंडपम्प के रिबोर के मामले में ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ 35 हजार, सात सौ तीन रुपये की राशि के वसूली आदेश पारित कर रखा है। याचियों को जैसे ही इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने डीएम के समक्ष उपस्थित होकर अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत किया लेकिन डीएम ने उस पर अभी तक कोई आदेश पारित नहीं किया।
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दूसरी तरफ उनसे वसूली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। याचियों की ओर से कहा गया है कि उनका पक्ष सुने बिना यह आदेश पारित किया है। उन्हें सुनवाई को मौका दिया जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने उन्हें पक्ष रखने का मौका देते हुए अपना अभ्यावेदन डीएम के समक्ष प्रस्तुत करने और डीएम को उस पर उचित आदेश पारित करने का आदेश पारित किया।