High Court : सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से प्रथम दृष्टया न्यायपालिका की गरिमा को पहुंची ठेस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर अदालत के खिलाफ की गई आपत्तिजनक पोस्ट से प्रथम दृष्टया अदालत की बेइज्जती हुई है और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंची है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर अदालत के खिलाफ की गई आपत्तिजनक पोस्ट से प्रथम दृष्टया अदालत की बेइज्जती हुई है और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंची है। अगर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने आरोपी दीपक सिंह व संतोष कुमार सिंह को नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा व न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा प्रथम की खंडपीठ ने जिला न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर दायर अवमानना अर्जी पर दिया है।
वर्तमान में दोनों आरोपी प्रयागराज के नैनी जेल में बंद हैं। इसलिए अदालत ने जेल अधीक्षक के माध्यम से उन्हें नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया है। जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यदि आरोपी अपना वकील करने में असमर्थ रहते हैं तो हाईकोर्ट कानूनी सेवा समिति उन्हें वकील उपलब्ध कराएगी।