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पहले से पढ़ा रहे अध्यापकों को काउंसलिंग में शामिल करने का आदेश

Thu, 18 Jun 2020 08:27 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 18 Jun 2020 08:27 PM IST
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high court: order to include teachers already teaching in counseling
Allahabad High Court

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामले में उन शिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल करने का निर्देश दिया है जो पहले से किसी जिले में इसी पद पर कार्यरत हैं और अब उन्होंने दूसरे जिले से काउंसलिंग के लिए आवेदन किया है। कोर्ट ने कहा कि उनका चयन परिणाम भी घोषित किया जाए, मगर नियुक्तिपत्र न जारी किया जाए, यदि जारी किया भी जाता है तो वह इस याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

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कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से चार सप्ताह में जवाब भी मांगा है। अनिल मिश्र और 61 अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचीगण के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि याचीगण पहले से सहायक अध्यापक के तौर पर पढ़ा रहे हैं।

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अब उन्होंने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में अन्य जिलों से काउंसलिंग के लिए आवेदन किया है, मगर उनको इसके लिए अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिवक्ता ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी सर्कुलर के पेज-87 का हवाला देकर कहा कि इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे किसी सहायक अध्यापक को किसी भी लोक पद के लिए आवेदन करने से रोका जा सके।
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ऐसा करना उसके अवसर की समानता के मूल अधिकार का हनन होगा। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और बोर्ड से इस मामले में जवाब मांगा था, मगर उनकी ओर से ऐसा कोई प्रावधान नहीं बताया जा सका, जिससे किसी सहायक अध्यापक को दूसरे जिले से उसी पद के लिए आवेदन करने से रोका जा सके।


सरकारी अधिवक्ता का कहना था कि इसकी अनुमति देने से शिक्षक छात्र अनुपात बिगड़ने की संभावना है। इस पर कोर्ट का कहना था कि यदि अध्यापक इस्तीफा दे देता है, तब भी यही समस्या खड़ी होगी। कोर्ट का कहना था कि यहां प्रश्न है कि क्या याचीगण को अनुच्छेद 14 और 16(1) में प्राप्त अधिकारों को देने से रोका जा सकता है, वह भी किसी कानूनी प्रावधान के। क्योंकि सरकार ऐसा कोई कानून कोर्ट बता नहीं सकी है। कोर्ट ने इस मामले में चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

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