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हाईकोर्ट : पूर्व और वर्तमान डीआईओएस के खिलाफ जांच का आदेश
Thu, 31 Mar 2022 11:33 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 31 Mar 2022 11:33 PM IST
सार
पूर्व डीआईओएस महेंद्र सिंह ने याची को 15 अक्टूबर 2013 को प्रवक्ता का ग्रेड दिया। बाद में वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने पूर्व डीआईओएस के आदेश को गलत करार दिया।
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अदालत
- फोटो : file
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के पूर्व डीआईओएस पर सहायक अध्यापक को प्रवक्ता पद पर गलत तरीके से प्रोन्नति देने और वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक पर गलत तरीके से प्रोन्नति आदेश रद्द करने के मामले में जांच करने का निर्देश दिया है।
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पूर्व डीआईओएस महेंद्र सिंह ने याची को 15 अक्तूबर 2013 को प्रवक्ता का ग्रेड दिया। बाद में वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने पूर्व डीआईओएस के आदेश को गलत करार दिया। वर्तमान डीआईओएस के मुताबिकए याची शासनादेश में दी गई मापदंड को पूरी नहीं करता है। यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ की एकलपीठ ने दिया है।
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शासनादेश के मुताबिक याची को कक्षा 11 और 12 में पढ़ाने में कम से कम 10 साल का अनुभव होना चाहिए। कोर्ट ने इस पर अपर निदेशक माध्यमिक को कहा है कि वह दोनों अधिकारियों के खिलाफ जांच कर बताएं कि इसमें कौन सही है।
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