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High Court Order : सात साल तक की सजा में गिरफ्तार न करने की गाइडलाइंस का पालन करने का निर्देश
Fri, 01 Jul 2022 09:55 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 01 Jul 2022 09:55 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार तथा न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की खंडपीठ ने मऊ के लालता प्रसाद की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सात साल तक की सजा वाले आरोपों के मामले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ए पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन किया जाए। कोर्ट ने कहा कि याची के मामले में भी सात साल तक की सजा वाले अपराध के आरोपियों की गिरफ्तारी न करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश लागू होंगे।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार तथा न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की खंडपीठ ने मऊ के लालता प्रसाद की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है, इसलिए 17 जून 22 को मोहम्मदाबाद थाने में दर्ज एफ आई आर रद्द की जाए।
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याची पर लोक संपत्ति निवारण कानून व भारतीय दंड संहिता के तहत अपराधों के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह भी कहना था कि धारा 41 ए के अनुसार तथा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस को देखते हुए सात साल तक के सजा वाले अपराधों में गिरफ्तारी नहीं करने का निर्देश है, जिसका पालन कराया जाए।
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