फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court order: Action will be taken under SC/ST only if there is intention to humiliate

हाईकोर्ट का आदेश : अपमानित करने का इरादा हो तभी एससी/एसटी के तहत होगी करवाई, स्पेशल कोर्ट का आदेश रद्द

Thu, 09 Nov 2023 01:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 09 Nov 2023 01:46 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति साधना रानी ठाकुर की पीठ ने सीमा भारद्वाज की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है। मामले में याची के खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाने में मारपीट करने, जाति आधारित गालीगलौज करने के आरोप में नीतू की ओर से प्राथमिक की दर्ज कराई गई थी।

विज्ञापन
High Court order: Action will be taken under SC/ST only if there is intention to humiliate
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत यह साफ हो कि आरोपी का इरादा अपमानित करने का था। केवल अधिनियम के आधार पर यह धारा नहीं लगाई जा सकती है। कोर्ट ने इसी के साथ गाजियाबाद एससी/एसटी के विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया। कहा, आरोपी पर आईपीसी की धारा 323, 504, 506 और एससी/एसटी की धारा 3(2) (वीए) के तहत पारित किया गया आदेश सही नहीं है।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति साधना रानी ठाकुर की पीठ ने सीमा भारद्वाज की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है। मामले में याची के खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाने में मारपीट करने, जाति आधारित गालीगलौज करने के आरोप में नीतू की ओर से प्राथमिक की दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि आरोपी उसकी मां के साथ झगड़ा करती है, उसे जबरन गलत दवाई देती है और वह यह चाहती थी कि पीड़िता नौकरी छोड़ दे।
विज्ञापन


आरोप है कि याची ने 5-6 अज्ञात व्यक्तियों को भेजा, जिन्होंने पीड़िता और उसकी मां को सड़क पर रोका। साथ ही जाति सूचक गलियों का प्रयोग किया और घर में काम न करने की धमकी दी। याची की ओर से तर्क दिया गया की घटना के समय वह मौके पर नहीं थी, जो भी हुआ होगा वह 5-6 व्यक्तियों द्वारा किया गया। कोर्ट ने तथ्य और परिस्थितियों को देखते हुए एससी/एसटी कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान के आदेश को रद्द करते हुए दो महीने में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed