फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Mandatory requirement of two years gap in maternity leave is wrong, BSA order canceled

High Court : मातृत्व अवकाश में दो वर्ष गैप की अनिवार्यता गलत, बीएसए का आदेश रद्द

Wed, 28 Aug 2024 12:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 28 Aug 2024 12:03 PM IST
सार

याची के मातृत्व अवकाश को दो वर्ष पीरियड की अनिवार्यता के आधार पर बीएसए रामपुर के 9 अगस्त 2024 के आदेश से खारिज कर दिया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा हाईकोर्ट ने पहले ही तय कर दिया है।

विज्ञापन
High Court: Mandatory requirement of two years gap in maternity leave is wrong, BSA order canceled
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मातृत्व अवकाश के लिए दो वर्ष गैप की अनिवार्यता को आधार बनाकर छुट्टी देने से इन्कार करने के बीएसए रामपुर के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही याची को 180 दिन का मातृत्व अवकाश देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने कुशल राणा की याचिका पर यह आदेश दिया।

विज्ञापन


याची के मातृत्व अवकाश को दो वर्ष पीरियड की अनिवार्यता के आधार पर बीएसए रामपुर के 9 अगस्त 2024 के आदेश से खारिज कर दिया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा हाईकोर्ट ने पहले ही तय कर दिया है। इस कारण दो वर्ष की अनिवार्यता को आधार बनाकर मैटरनिटी लीव देने से इंकार करना गलत है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed