High Court : फर्जी आधार मामले मेें भी इरफान की जमानत मंजूर, धमकी के केस में पहले ही मिल चुकी है राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर के सीसामऊ से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की फर्जी आधार कार्ड पर यात्रा करने के मामले में भी जमानत मंजूर कर ली है। हालांकि, गैंगस्टर मामले में जमानत मिलने से पहले वह जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर के सीसामऊ से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की फर्जी आधार कार्ड पर यात्रा करने के मामले में भी जमानत मंजूर कर ली है। हालांकि, गैंगस्टर मामले में जमानत मिलने से पहले वह जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत ने दिया है। मामला कानपुर के ग्वालटोली थाने का है। इरफान के खिलाफ 2022 में फर्जी आधार कार्ड पर यात्रा करने के मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। 10 मार्च को भी हाईकोर्ट से इरफान व उनके भाई रिजवान को रंगदारी मांगने के मामले में जमानत मिली थी। अभी गैंगस्टर का एक और मामला लंबित है।
दो दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट से सीसामऊ कानपुर के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी को राहत देते हुए रंगदारी मांगने के आरोप में जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। कोर्ट ने यह फैसला सोमवार को सुनाया। दोनों भाइयों की जमानत अदालत से मंजूर जरूर हो गई है, लेकिन दोनों अभी जेल से बाहर नहीं निकल पाएंगे। क्योंकि रिजवान सोलंकी के खिलाफ अभी गैंगस्टर के मुकदमे में मुकदमा विचाराधीन है। साथ ही इरफान सोलंकी की गैंगस्टर के साथ-साथ फर्जी आधार कार्ड पर यात्रा करने का मुकदमा भी न्यायालय में विचाराधीन है। आधार कार्ड मामले में भी उनकी जमानत मंजूर हो गई है। अब गैंगस्टर मामले में जमानत मिलने पर ही उनकी रिहाई हो सकती है।