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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: In the maintenance recovery case, the High Court sought a personal affidavit from the DM of Basti.

High Court : भरण-पोषण वसूली मामले में हाईकोर्ट ने बस्ती के डीएम से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा

Thu, 26 Feb 2026 02:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 26 Feb 2026 02:54 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भरण-पोषण मामले में बस्ती के डीएम से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि परिवार न्यायालय की ओर से जारी 13.40 लाख रुपये की वसूली प्रमाणपत्र (रिकवरी सर्टिफिकेट) का पालन अब तक क्यों नहीं हुआ।

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High Court: In the maintenance recovery case, the High Court sought a personal affidavit from the DM of Basti.
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भरण-पोषण मामले में बस्ती के डीएम से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि परिवार न्यायालय की ओर से जारी 13.40 लाख रुपये की वसूली प्रमाणपत्र (रिकवरी सर्टिफिकेट) का पालन अब तक क्यों नहीं हुआ। यह सवाल न्यायमूर्ति प्रवीन कुमार गिरि ने पति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा है।

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पति की ओर से गौतमबुद्ध नगर के परिवार न्यायालय के 30 जून 2022 के आदेश को चुनौती दी गई है। आरोप लगाया है कि परिवार न्यायालय ने एकतरफा आदेश देते हुए सीआरपीसी की धारा-125 के तहत पत्नी को भरण-पोषण देने का निर्देश दिया था, जो बकाया राशि बढ़कर 13,40,000 रुपये हो गई है। राशि की वसूली के लिए 26 नवंबर 2025 को परिवार न्यायालय ने बस्ती के डीएम को आदेश भेजा कि रकम भू-राजस्व बकाया की तरह वसूल की जाए। वहीं, बस्ती के हर्रैया तहसीलदार की रिपोर्ट में कहा गया कि पति के नाम कोई चल-अचल संपत्ति नहीं है, जिससे वसूली संभव हो सके।
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कोर्ट ने बस्ती के डीएम को निर्देश दिया कि वे मामले की जांच कर व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करें। साथ ही गौतमबुद्ध नगर के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि भरण-पोषण आदेश लागू कराने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए और आगे क्या कार्यवाही प्रस्तावित है। कोर्ट ने कहा कि यदि आदेश के अनुपालन में ढिलाई पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़े आदेश पारित किए जाएंगे। अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी। 

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