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High Court : टूंडला से भाजपा विधायक प्रेम पाल सिंह धनगर के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका खारिज
Sun, 15 Jun 2025 04:29 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 15 Jun 2025 04:29 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिरोजाबाद के टूंडला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रेम पाल सिंह धनगर के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका खारिज कर दी। आदेश की प्रति निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को भेजने का आदेश दिया है।
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अदालत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिरोजाबाद के टूंडला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रेम पाल सिंह धनगर के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका खारिज कर दी। आदेश की प्रति निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को भेजने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत ने प्रेम पाल सिंह की ओर से दाखिल चुनाव याचिका पर दिया है।
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याची का आरोप है कि धनगर उत्तर प्रदेश की पिछड़ी जाति में आती है। जबकि, टूंडला अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट है। लिहाजा, भाजपा विधायक प्रेम पाल सिंह धनगर ओबीसी होते हुए अनुसूचित जाति की सीट से जीते हैं। इसलिए इनका निर्वाचन रद्द किया जाना चाहिए।
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चुनाव याचिका में याची ने दो संशोधन अर्जी दाखिल की थी। इसके जरिये याचिका में नए तथ्य जोड़ने की मांग की, इसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। कहा कि याचिका दाखिल होते वक्त ही याचिका के आधार से जुड़े तथ्य उसी व्यक्त शामिल किए जाने चाहिए। याचिका लंबित रहने के दौरान नए तथ्य जोड़ कर नई मांग नहीं की जा सकती।
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2022 के विधानसभा चुनाव में प्रेम पाल सिंह धनगर टूंडला सीट से 47,631 वोटों से विजयी हुए थे। यह सीट अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि प्रेम पाल सिंह ‘गड़रिया/पाल/बघेल’ समुदाय से हैं, जो उत्तर प्रदेश में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में आता है। इस कारण उनका निर्वाचन आरक्षित सीट के नियमों के खिलाफ है।
याचिका में तथ्यों का अभाव
याचिकाकर्ता ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 80/81 के तहत चुनाव याचिका दायर की थी, लेकिन उसमें आवश्यक भौतिक तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। न्यायालय ने दो बार दिए गए संशोधन आवेदन को भी यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता नए-नए तथ्य जोड़ते जा रहे हैं, जबकि मूल याचिका में यह तथ्य पूरी तरह अनुपस्थित थे।