Prayagraj : विधायक अब्बास अंसारी के हिसाब-किताब वाले बयान पर हाईकोर्ट ने फैसला किया सुरक्षित
मऊ सदर के विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के हिसाब किताब वाले बयान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। अब्बास ने विधानसभा चुनाव के दौरान मऊ में विवादित बयान दिया था।
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बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के अधिकारियों पर विवादित बयान को लेकर दर्ज आपराधिक मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने अब्बास अंसारी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याची के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय का कहना था कि धारा 153के तहत याची के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता।यह धारा बयान से दो समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने पर लागू होती है।याची पर अधिकारियों को लेकर बयान देने का आरोप है।शेष धाराएं जमानती अपराध की राजनीति से प्रेरित होकर दर्ज कराई गई है। इसलिए कार्यवाही रद्द की जाय।
जबकि राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी का कहना था कि याची के बयान कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालेए समुदाय को धमकाने वाले हैं। जिसमें राहत नहीं दी जा सकती। दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया और कहा कि चाहें तो लिखित बहस दाखिल कर सकते हैं। कोर्ट ने आपराधिक केस की सुनवाई प्रक्रिया पर लगी रोक फैसला आने तक बढ़ा दी है। अब्बास अंसारी ने पिछले विधान सभा चुनाव के दौरान मऊ में आयोजित रैली में प्रदेश में उनकी सरकार बनने पर अधिकारियों से हिसाब.किताब करने का विवादित बयान दिया था। इस पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई। याचिका में केस कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है।
अब्बास अंसारी ने क्या कहा था
वायरल वीडियो के अनुसार इसमें सपा-सुभासपा गठबंधन के प्रत्याशी अब्बास अंसारी यह कहते नजर आ रहे हैं कि जिस नेता के साथ लाखों-करोड़ों बाहों का बल हो वह बाहुबली नहीं होगा तो कौन होगा। हम हैं, हमें इससे कोई गुरेज नहीं है। अगर मेरे लोगों की इज्जत, आन, बान, शान और आबरू पर कोई आंच डालने की कोशिश करेगा तो उस आंच को बुझाना हम जानते हैं।
आज तक बुझाया है, आगे भी बुझाएंगे, हमें कोई रोक नहीं सकता। आगे कहा कि जिस दिन लखनऊ से आ रहा था उस दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश भैया से मिला और लंबी बातचीत हुई। मैं उनसे कहकर आया हूं कि छह महीने तक किसी की ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं होगी भइया। अब्बास ने आगे कहा, पहले जिन्होंने लोगों के कैरियर बर्बाद किए हैं। जिन्होंने जिनके ऊपर मुकदमे लगाए हैं, पहले उन अधिकारियों का हिसाब-किताब होगा।