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Cyber Crime : हाईकोर्ट की अधिवक्ता को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे एक लाख रुपये, खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर ट्रांसफर

Wed, 18 Sep 2024 04:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 18 Sep 2024 04:35 PM IST
सार

राजरूपपुर धूमनगंज की रहने वाली आकृति रस्तोगी हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। बीते आठ सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से फोन आया। फोनकर्ता ने कहा कि वह नई दिल्ली कस्टम ऑफिस से बोल रहा है।

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High Court advocate was digitally arrested and defrauded of one lakh rupees
Prayagraj - फोटो : stock.adobe

विस्तार

हाईकोर्ट की अधिवक्ता आकृति रस्तोगी को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर एक लाख रुपये की ठगी कर ली। खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर जालसाजों ने झांसा दिया कि उनकी आईडी से मलेशिया कुआलालंपुर के लिए अवैध पार्सल बुक किया गया है। बैंक खाते का सत्यापन कराने के नाम पर रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।

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राजरूपपुर धूमनगंज की रहने वाली आकृति रस्तोगी हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। बीते आठ सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से फोन आया। फोनकर्ता ने कहा कि वह नई दिल्ली कस्टम ऑफिस से बोल रहा है। उनकी आईडी और मोबाइल नंबर से मलेशिया कुआलालंपुर में वान गैंग नाम के व्यक्ति के पते पर 118 फर्जी पासपोर्ट, 148 ग्राम ड्रग्स और 14 एटीएम बुक किए गए हैं।

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आकृति ने बताया कि वह प्रयागराज से बोल रही हैं तो आरोपी ने बसंतकुंज पुलिस थाने से सुनील कुमार कहकर दूसरे जालसाज से बात कराई। उसने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉलिंग की और कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग और ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में आया है।
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इस तरह से पैसे कराए ट्रांसफर

आकृति रस्तोगी ने शिकायत में बताया कि फोन करने वाले ने खुद का नाम संजय बताया और कहा कि उन्होंने मुंबई स्थित एचडीएफसी बैंक मैनेजर के साथ मिलकर यह अपराध किया है। इसके बाद सीबीआई चीफ अजीत श्रीवास्तव से बात कराने के लिए फोन ट्रांसफर कर दिया। उसने निजी जानकारी लेते हुए कहा कि यह गोपनीय केस है, इसे किसी को न बताएं। इसके बाद यह कहते हुए एक लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए कि आरबीआई की तरफ से बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। पीड़िता की शिकायत पर धूमनगंज थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।

क्या है डिजिटल अरेस्ट

  • जालसाज सबसे पहले फोन कर कहते हैं कि आपके नाम से विदेश में अवैध पार्सल बुक हुआ है।
  • केस का सत्यापन करने के लिए पहले पुलिस और फिर सीबीआई से बात कराई जाती है।
  • यकीन दिलाने के लिए वीडियो कॉलिंग की जाती है, वीडियो में पुलिस की वर्दी में जालसाज दिखते हैं।
  • आईडी से मनी लॉन्ड्रिंग और ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में नाम आने की बात कहकर फंसाते हैं।
  • आरबीआई से बैंक खाता सत्यापन करने के लिए आपके खाते में जमा राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा लेते हैं।

डिजिटल अरेस्ट से ऐसे बचें

  • कोई खुद को पुलिस अधिकारी बताकर आपसे बात करे तो अलर्ट हो जाएं।
  • फर्जी पुलिसकर्मी सिर्फ आपको फोन कर डराएंगे, ताकि आप चंगुल में फंस जाएं।
  • इस तरह का फोन आने पर सबसे पहले नजदीकी थाने या फिर 1930 पर संपर्क करें।
  • वर्दी पहने व्यक्ति की व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आए तो समझिए फर्जी कॉल है।
  • कॉल आने पर तुरंत अपने जानकार या दोस्तों से इसके बारे में चर्चा करें।
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