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उत्तराखंड में बारिश से कछारी इलाकों में चिंता
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:55 AM IST
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उत्तराखंड में हो रही जबरदस्त बारिश और अगले कुछ दिनों में वहां से इलाहाबाद पहुंचने वाले पानी को लेकर कछारी इलाकों में रहने वालों की चिंता बढ़ने लगी है। करीब तीन वर्ष पहले कछारी इलाकों में बाढ़ का मंजर देख चुके लोग उत्तराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश से परेशान हैं। हालांकि ,उस दौरान हुई जबरदस्त तबाही के बावजूद लोगों ने सबक नहीं लिया है और कछार में दूर तक बड़ी संख्या में मकान बनवा लिए हैं।
उत्तराखंड में सप्ताहभर से और मध्य प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। वहां से पानी गंगा-यमुना से होकर अगले सप्ताह संगम तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही गंगा-यमुना के कछारी इलाकों में बाढ़ का पानी भी घुसेगा, जिसकी वजह से यहां बने मकान प्रभावित होंगे। इसके पहले वर्ष 2014 में उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में जबरदस्त बारिश और तबाही के बाद इलाहाबाद में गंगा-यमुना उफनाई थीं और इससे कछारी इलाकों में एक माह से अधिक समय तक यहां बाढ़ जैसी स्थिति थी। लंबे समय तक पानी भरा रहने के कारण कई निर्माणाधीन एवं पुराने मकान धराशायी भी हो गए थे। उस दौरान बाढ़ में जबरदस्त तबाही का मंजर देखने के बावजूद कछारी इलाकों में लगातार मकान बन रहे हैं। वर्तमान में गंगा-यमुना के जलस्तर में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है।
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उत्तराखंड में सप्ताहभर से और मध्य प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। वहां से पानी गंगा-यमुना से होकर अगले सप्ताह संगम तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही गंगा-यमुना के कछारी इलाकों में बाढ़ का पानी भी घुसेगा, जिसकी वजह से यहां बने मकान प्रभावित होंगे। इसके पहले वर्ष 2014 में उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में जबरदस्त बारिश और तबाही के बाद इलाहाबाद में गंगा-यमुना उफनाई थीं और इससे कछारी इलाकों में एक माह से अधिक समय तक यहां बाढ़ जैसी स्थिति थी। लंबे समय तक पानी भरा रहने के कारण कई निर्माणाधीन एवं पुराने मकान धराशायी भी हो गए थे। उस दौरान बाढ़ में जबरदस्त तबाही का मंजर देखने के बावजूद कछारी इलाकों में लगातार मकान बन रहे हैं। वर्तमान में गंगा-यमुना के जलस्तर में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है।
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