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Allahabad High Court : विभागीय गलती से अधिक वेतन की वसूली आदेश रद्द करने के खिलाफ सरकार की अपील खारिज
Thu, 29 Sep 2022 10:10 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 29 Sep 2022 10:10 PM IST
सार
पीएसी प्रयागराज में चपरासी पद से सेवानिवृत्त कर्मचारी विपक्षी गिरधारी लाल के अधिवक्ता बीएनसिंह राठौर ने प्रतिवाद किया। मालूम हो कि याची को 2006 में वेतन पुनरीक्षित किया गया और विभाग की गलती से याची का अधिक वेतन तय कर दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज कर दी है। जिसमें, एकलपीठ के फैसले को चुनौती दी गई थी। एकलपीठ ने याची को विभाग द्वारा ग़लत वेतन निर्धारण से मिले अधिक भुगतान की वसूली आदेश को रद्द कर दिया और पुनर्निर्धारित वेतनमान के अनुसार पेंशन आदि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति एमए एच इदरीसी की खंडपीठ ने उ प्र राज्य की विशेष अपील को खारिज करते हुए दिया था।
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पीएसी प्रयागराज में चपरासी पद से सेवानिवृत्त कर्मचारी विपक्षी गिरधारी लाल के अधिवक्ता बीएनसिंह राठौर ने प्रतिवाद किया। मालूम हो कि याची को 2006 में वेतन पुनरीक्षित किया गया और विभाग की गलती से याची का अधिक वेतन तय कर दिया गया। 16 मार्च 21 को पुनर्निधारण में 2 दो लाख, 36 हजार 305 रुपये अधिक भुगतान की गलती पाई गई। 11 मई 21 को वसूली आदेश जारी किया गया। जब कि याची 30 सितंबर 20 को ही सेवानिवृत्त हो चुका था।
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याची कर्मचारी अधिवक्ता का कहना था कि विभाग की स्वयं की गलती से अधिक भुगतान की वसूली सेवानिवृत्ति के बाद नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट के रफीक मसीह केस का हवाला दिया। एकलपीठ ने याचिका स्वीकार कर वसूली आदेश रद्द कर दिया। जिसे अपील में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा यदि याची ने वेतन पुनर्निर्धारण की वैधता को चुनौती दी है तो उसके अधिक वेतन की वसूली के अधिकार को नहीं छीना जा सकता।
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