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शहीद सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए जूना अखाड़े में हवन
Thu, 18 Jun 2020 06:27 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 18 Jun 2020 06:27 PM IST
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prayagraj news
- फोटो : prayagraj
पंचदशनाम जूना अखाड़ा की ओर से बृहस्पतिवार को लद्दाख में भारत -चीन सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के बलिदान पर संतों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज. पूर्व सभापति महंत सोहन गिरि महाराज, प्रवक्ता नारायण गिरि महाराज समेत अन्य संतों की उपस्थिति में शहीदों की आत्मा की शांति के लिए आहुति दी गई। साथ ही शांति पाठ किया गया।
अखाड़े के संतों व नागा संन्यासियों ने ईश्वर से उनके परिवार जनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
हवन के बाद परिषद के महामंत्री हरि गिरि ने चीन की कायराना हरकत की निंदा की। कहा कि पूरा संत समाज देश के लिए शहीद हुए वीर सैनिकों के परिजनों के साथ खड़ा है।
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उन्होंने शहीदों के परिजनों को एक -एक करोड़ रुपये और राज्य सरकारों की ओर से 50 -50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए आवाज उठाई। साथ ही शहीद जवानों के आश्रित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी वकालत की। जूना अखाड़े के प्रवक्ता महंत नारायण गिरि ने कहा कि चीन को इस दुस्साहस की कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने देशवासियों से चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की अपील की। कहा कि चीन को सामरिक मोर्चे के साथ साथ आर्थिक मोर्चे पर भी हाराना होगा। इस मौके पर महंत महेश पुरी, महंत प्रज्ञानंद गिरि, कोठारी महंत लाल भारती, कारोबारी महंत महादेवानंद गिरि, पुजारी महंत परमानंद गिरि, महंत विष्णु गिरि, थानापति महंत रणधीर गिरि, महंत गोविंद गिरि, नीलकंठ गिरि, महंत आजाद गिरि, महंत महावीर गिरि, महंत विवेक पुरी, महंत राजेंद्र गिरि, महंत राघवेंद्र गिरि ने आहुति दी। हवन-पूजन वेदाचार्य विकास पांडेय जी ने करवाया ।
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जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज. पूर्व सभापति महंत सोहन गिरि महाराज, प्रवक्ता नारायण गिरि महाराज समेत अन्य संतों की उपस्थिति में शहीदों की आत्मा की शांति के लिए आहुति दी गई। साथ ही शांति पाठ किया गया।
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अखाड़े के संतों व नागा संन्यासियों ने ईश्वर से उनके परिवार जनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
हवन के बाद परिषद के महामंत्री हरि गिरि ने चीन की कायराना हरकत की निंदा की। कहा कि पूरा संत समाज देश के लिए शहीद हुए वीर सैनिकों के परिजनों के साथ खड़ा है।
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उन्होंने शहीदों के परिजनों को एक -एक करोड़ रुपये और राज्य सरकारों की ओर से 50 -50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए आवाज उठाई। साथ ही शहीद जवानों के आश्रित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी वकालत की। जूना अखाड़े के प्रवक्ता महंत नारायण गिरि ने कहा कि चीन को इस दुस्साहस की कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने देशवासियों से चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की अपील की। कहा कि चीन को सामरिक मोर्चे के साथ साथ आर्थिक मोर्चे पर भी हाराना होगा। इस मौके पर महंत महेश पुरी, महंत प्रज्ञानंद गिरि, कोठारी महंत लाल भारती, कारोबारी महंत महादेवानंद गिरि, पुजारी महंत परमानंद गिरि, महंत विष्णु गिरि, थानापति महंत रणधीर गिरि, महंत गोविंद गिरि, नीलकंठ गिरि, महंत आजाद गिरि, महंत महावीर गिरि, महंत विवेक पुरी, महंत राजेंद्र गिरि, महंत राघवेंद्र गिरि ने आहुति दी। हवन-पूजन वेदाचार्य विकास पांडेय जी ने करवाया ।