{"_id":"610eab4c8ebc3e73857f6563","slug":"governing-body-issued-notice-to-assistant-professor","type":"story","status":"publish","title_hn":"गवर्निंग बॉडी ने असिस्टेंट प्रोफेसर को जारी किया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गवर्निंग बॉडी ने असिस्टेंट प्रोफेसर को जारी किया नोटिस
Sat, 07 Aug 2021 09:18 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 07 Aug 2021 09:18 PM IST
सार
- सीएमपी के असिस्टेंट प्रोफेसर को बर्खास्त करने की तैयारी
- अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़ा करने का आरोप
विज्ञापन
नोटिस
- फोटो : demo pic
विस्तार
जाति प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में सीएमपी डिग्री कॉलेज में विधि विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्यवान नायक को कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हालांकि डीन कॉलेज डेवलपमेंट की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर को बर्खास्त करने और वेतन की रिकवरी करने की संस्तुति पहले ही कॉलेज को भेजी चुका है। असिस्टेंट प्रोफेसर अगर 10 दिनों के भीतर गवर्निंग बॉडी के समक्ष संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्यवान नायक के खिलाफ डॉ. अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामबृज गौतम ने कॉलेज में शिकायत दर्ज कराई थी कि डॉ. नायक का अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र फर्जी है। गोरखपुर के बांवगांव स्थित नेवरा गांवा के रहने वाले डॉ. नायक के खिलाफ कॉलेज प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें पाया कि उनके पास वैध प्रमाणपत्र नहीं है। इस पर कॉलेज प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बाद में मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया और वहां से सीधे इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछताछ की गई।
कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने इस मामले में डीन कालेज एंड डेवलपमेंट प्रो. पंकज कुमार को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीन ने कॉलेज को संस्तुति भेजी कि डॉ. नायक को बर्खास्त किया जाए और अब तक उन्हें दिए गए वेतन की वसूली की जाए। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि डॉ. नायक को गवर्निग बॉडी ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 10 दिनों में जवाब मांगा है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो बर्खास्तगी होगी और वेतन की वसूली की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्यवान नायक के खिलाफ डॉ. अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामबृज गौतम ने कॉलेज में शिकायत दर्ज कराई थी कि डॉ. नायक का अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र फर्जी है। गोरखपुर के बांवगांव स्थित नेवरा गांवा के रहने वाले डॉ. नायक के खिलाफ कॉलेज प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें पाया कि उनके पास वैध प्रमाणपत्र नहीं है। इस पर कॉलेज प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बाद में मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया और वहां से सीधे इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछताछ की गई।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने इस मामले में डीन कालेज एंड डेवलपमेंट प्रो. पंकज कुमार को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीन ने कॉलेज को संस्तुति भेजी कि डॉ. नायक को बर्खास्त किया जाए और अब तक उन्हें दिए गए वेतन की वसूली की जाए। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि डॉ. नायक को गवर्निग बॉडी ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 10 दिनों में जवाब मांगा है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो बर्खास्तगी होगी और वेतन की वसूली की जाएगी।
विज्ञापन