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गर्ल्स हॉस्टल में फांसी पर लटकी मिली छात्रा
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Girl student hanged in girls hostel
- फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। कर्नलगंज के शुतुरखाना मोहल्ला स्थित पांडेय गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा आकांक्षा(19) अपने कमरे में फांसी पर लटकी मिली। वह हॉस्टल में रहकर आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार उसने खुद को बताया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।
आकांक्षा पुत्री वीरेंद्र कुमार मूल रूप से मऊ की रहने वाली थी। पिता किसान हैं। तीन भाई बहनों में सबसे छोटी आकांक्षा शुतुरखाना मोहल्ले में स्थित पांडेय गर्ल्स हॉस्टल में रहकर जेईई की तैयारी कर रह थी। बड़ा भाई फार्मासिस्ट है जबकि छोटा भाई अश्वनी भी बड़ी बगिया मोहल्ले में किराये पर रहकर जेईई की तैयारी कर रहा है। पुलिस के मुताबिक, रोज की तरह रात आठ बजे के करीब हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राएं खाने के लिए इकट्ठा हुईं। लेकिन आकांक्षा नहीं पहुंची। काफी देर बाद भी वह नहीं पहुंची तो खाने के लिए उसे लोग बुलाने पहुंचे। हालांकि काफी आवाज देने के बाद भी वह बाहर नहीं निकली। शक होने पर सूचना दी गई तो भाई अश्वनी पहुंचा। इसके बाद किसी तरह दरवाजा खोलकर वह भीतर पहुंचा तो कमरे का नजारा देख उसकी चीख निकल गई। आकांक्षा फांसी पर लटकी हुई थी। सूचना मिली तो कर्नलगंज पुलिस पहुंच गई। जांच पड़ताल में उसके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में भाई ने बताया कि पॉलीटेकिभनक करने के बाद पिछले साल अगस्त मेें आकांक्षा हॉस्टल में रहने आई थी। वह किस बात को लेकर तनाव में थी, इस बारे में भाई कुछ नहीं बता सका।
मम्मी-पापा मुझे माफ करना
पुलिस ने बताया कि कमरे से मिले सुसाइड नोट में आकांक्षा ने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को ठहराया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि मम्मी-पापा मुझे माफ करना। मेरी मौत के बाद मेरे परिवारवालों को परेशान न किया जाए। पुलिस का कहना है कि भाई व अन्य घरवाले फिलहाल यह नहीं बता पा रहे हैं कि आकांक्षा ने ऐसा कदम क्यों उठाया। लेकिन मौके से मिले सुसाइड नोट को देखकर माना जा रहा है कि वह तनाव में थी।
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आकांक्षा पुत्री वीरेंद्र कुमार मूल रूप से मऊ की रहने वाली थी। पिता किसान हैं। तीन भाई बहनों में सबसे छोटी आकांक्षा शुतुरखाना मोहल्ले में स्थित पांडेय गर्ल्स हॉस्टल में रहकर जेईई की तैयारी कर रह थी। बड़ा भाई फार्मासिस्ट है जबकि छोटा भाई अश्वनी भी बड़ी बगिया मोहल्ले में किराये पर रहकर जेईई की तैयारी कर रहा है। पुलिस के मुताबिक, रोज की तरह रात आठ बजे के करीब हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राएं खाने के लिए इकट्ठा हुईं। लेकिन आकांक्षा नहीं पहुंची। काफी देर बाद भी वह नहीं पहुंची तो खाने के लिए उसे लोग बुलाने पहुंचे। हालांकि काफी आवाज देने के बाद भी वह बाहर नहीं निकली। शक होने पर सूचना दी गई तो भाई अश्वनी पहुंचा। इसके बाद किसी तरह दरवाजा खोलकर वह भीतर पहुंचा तो कमरे का नजारा देख उसकी चीख निकल गई। आकांक्षा फांसी पर लटकी हुई थी। सूचना मिली तो कर्नलगंज पुलिस पहुंच गई। जांच पड़ताल में उसके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में भाई ने बताया कि पॉलीटेकिभनक करने के बाद पिछले साल अगस्त मेें आकांक्षा हॉस्टल में रहने आई थी। वह किस बात को लेकर तनाव में थी, इस बारे में भाई कुछ नहीं बता सका।
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मम्मी-पापा मुझे माफ करना
पुलिस ने बताया कि कमरे से मिले सुसाइड नोट में आकांक्षा ने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को ठहराया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि मम्मी-पापा मुझे माफ करना। मेरी मौत के बाद मेरे परिवारवालों को परेशान न किया जाए। पुलिस का कहना है कि भाई व अन्य घरवाले फिलहाल यह नहीं बता पा रहे हैं कि आकांक्षा ने ऐसा कदम क्यों उठाया। लेकिन मौके से मिले सुसाइड नोट को देखकर माना जा रहा है कि वह तनाव में थी।
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