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चाची संग गंगा स्नान करने गई छात्रा डूबी, मौत
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Girl student drowned in Ganga bath with aunt, dies
चाची संग गंगा स्नान करने गई छात्रा डूबी, मौत
मेजा। अमावस्या यानि शुक्रवार को चाची संग गंगा स्नान करने गई ग्यारहवीं की छात्रा नदी में डूब गई। काफी देर बाद पुलिस की मदद से गोताखोरों ने छात्रा के शव को बाहर निकाला तो कोहराम मच गया।
बता दें कि तंदरिया गांव के अशोक सिंह की बेटी आंशू सिंह (14) कुंवरपट्टी गांव के डॉ. लोहिया इंटर कॉलेज में ग्यारहवीं की छात्रा थी। वह शुक्रवार को अपनी चाची के साथ रैपुरा गंगा घाट पर स्नान करने गई थी। हुआ यूं कि एक नाव घाट के किनारे लगी हुई थी। उस पर जाकर आंशू और उसकी चाची गायत्री सिंह जाकर बैठ गईं और स्नान करने लगीं। इसी बीच नाव आगे बढ़ गई। नाव आगे बढ़ी तो आंशू घबड़ाकर नदी में कूद गई। देखते-देखते आंशू डूबने लगी। चाची चिल्ला रही थी लेकिन वह आंशू को बचाने में विवश रही। कुछ ही देर में आंशू डूब गई। इस बीच नाव दूसरे घाट पर जा लगी तब जाकर चाची बच गई लेकिन आंशू को उसने खो दिया। इसकी जानकारी मिलने पर बदहवास हालात में मौके पर पहुंचे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल रहा। मौके पर मेजा थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष नित्यानन्द सिंह ने गोताखोरों की मदद से घंटे भर बाद लाश को बाहर निकाला। परिजनों में कोहराम मच गया। आंशू सिंह पांच बहन और एक भाई में सबसे छोटी थी। पिता घर पर रहकर खेती-बारी करते हैं।
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मेजा। अमावस्या यानि शुक्रवार को चाची संग गंगा स्नान करने गई ग्यारहवीं की छात्रा नदी में डूब गई। काफी देर बाद पुलिस की मदद से गोताखोरों ने छात्रा के शव को बाहर निकाला तो कोहराम मच गया।
बता दें कि तंदरिया गांव के अशोक सिंह की बेटी आंशू सिंह (14) कुंवरपट्टी गांव के डॉ. लोहिया इंटर कॉलेज में ग्यारहवीं की छात्रा थी। वह शुक्रवार को अपनी चाची के साथ रैपुरा गंगा घाट पर स्नान करने गई थी। हुआ यूं कि एक नाव घाट के किनारे लगी हुई थी। उस पर जाकर आंशू और उसकी चाची गायत्री सिंह जाकर बैठ गईं और स्नान करने लगीं। इसी बीच नाव आगे बढ़ गई। नाव आगे बढ़ी तो आंशू घबड़ाकर नदी में कूद गई। देखते-देखते आंशू डूबने लगी। चाची चिल्ला रही थी लेकिन वह आंशू को बचाने में विवश रही। कुछ ही देर में आंशू डूब गई। इस बीच नाव दूसरे घाट पर जा लगी तब जाकर चाची बच गई लेकिन आंशू को उसने खो दिया। इसकी जानकारी मिलने पर बदहवास हालात में मौके पर पहुंचे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल रहा। मौके पर मेजा थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष नित्यानन्द सिंह ने गोताखोरों की मदद से घंटे भर बाद लाश को बाहर निकाला। परिजनों में कोहराम मच गया। आंशू सिंह पांच बहन और एक भाई में सबसे छोटी थी। पिता घर पर रहकर खेती-बारी करते हैं।
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