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गंगा-यमुना फिर उफान पर, स्लूज गेट बंद कराए

Thu, 12 Sep 2019 12:57 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 12:57 AM IST
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Ganga-Yamuna again in spate, shut down sludge gate
Ganga-Yamuna again in spate, shut down sludge gate - फोटो : ALDCOMPACT
प्रयागराज। मध्यप्रदेश के माताटीला और बरियापुर बांध के साथ कानपुर बैराज और नरोरा बांध से छोड़े गए पानी से गंगा- यमुना एक बार फिर उफान पर हैं। केन-बेतवा नदी का जल बुधवार शाम यहां पहुंचने से घाटियों और कछारी क्षेत्रों में रहने वालों की मुसीबत बढ़ गई है। सिंचाई विभाग और जलनिगम ने बक्शी बांध स्लूज गेट बंद करा दिया है। देर रात मोरी गेट को भी एहतियातन बंद कराया गया।
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सीमावर्ती प्रदेश में भारी बारिश के चलते माताटीला में बेतवा और बरियापुर बांध में केन नदी का जल एकत्र हो गया। बांधों पर बढ़ा दबाव कम करने के लिए वहां से करीब 5.50 लाख क्यूसेक जल छोड़ा गया। बुधवार शाम एमपी से पानी यहां तेज रफ्तार से पहुंचा तो नैनी में यमुना के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने लगी। सिंचाई विभाग के अफसरों के मुताबिक दोनों नदियों के जलस्तर में क्रमश: दस और 12 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड के असिस्टेंट इंजीनियर दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक शुक्रवार तक जलस्तर में वृद्धि का अनुमान है। फिलहाल दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से अभी काफी नीचे है।
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नदियों के जलस्तर में वृद्धि से कछारी क्षेत्रों में फिर बाढ़ का पानी भरने लगा है। दारागंज ही नहीं सलोरी, छोटा-बड़ा बघाड़ा, बेली, राजापुर, करेलाबाग समेत अन्य कछारी इलाकों में रहने वालों की चिंता बढ़ गई है। परेशान लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था तेज कर दी है। वहीं घाटियों ने गंगा और संगम घाट पर देर शाम से ही सामान समेटना शुरू कर दिया। बांध और नए यमुना पुल पर दिन भर लोग जुटे रहे।
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काबू में हैं हालात, अलर्ट
प्रशासन ने गंगा-यमुना के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए संबंधित विभागों के अफसरों को अलर्ट कर दिया गया है। कलक्ट्रेट में हुई आपात बैठक में जिलाधिकारी ने मातहतों को निर्देश दिए हैं कि हर घंटे की रिपोर्ट से अवगत कराएं। कछारी इलाकों का भ्रमण करें। जहां खतरा लगे, वहां से लोगों को राहत केंद्रों तक पहुंचाकर भोजन-पानी की भी व्यवस्था करें। डीएम ने कहा कि जलभराव और बीमारी पर नजर रखें। उन्होंने बताया कि हालात अभी काबू में हैं।

00गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम में सहित जिले में 82 मेडिकल टीमों को लगाया गया है। सभी जिला, तहसील के अफसरों को बाढ़ जैसी आपदा के लिए सतर्क और राहत कार्य के लिए तैयार रहने को कहा गया है। 0 भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी
00 जलस्तर00
गंगा(खतरे का निशान)- 84.73 मीटर
फाफामऊ-79.79 मीटर
छतनाग- 79.18 मीटर
यमुना(खतरे का निशान)- 84.73 मीटर
नैनी- 80.16 मीटर
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