Ganga Gurukulam : वार्षिकोत्सव में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, समूह नृत्य से बांधा समां
महिलाओं के समग्र विकास के लिए गंगा गुरुकुलम विद्यालय में महिला स्वावलंबन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया। यह केंद्र महिलाओं को आर्थिक एवं शैक्षिक प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बना रहा है।
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महिलाओं के समग्र विकास के लिए गंगा गुरुकुलम विद्यालय में महिला स्वावलंबन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया। यह केंद्र महिलाओं को आर्थिक एवं शैक्षिक प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बना रहा है। यहां की छात्राएं स्वावलंबी बनकर दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं। साथ ही इस विद्यालय में आसपास के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे जो शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, उनकी सहायता के लिए बाल गुरुकुलम संस्था चलाई जा रही है, जिसमें बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है। इन विद्यार्थियों एवं महिलाओं के उत्साह वर्धन
के लिए बुधवार को फाफामऊ स्थित गंगागुरुकुलम विद्यालय में महिला स्वावलंबन केंद्र एवं बाल गुरुकुलम द्वारा वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि कमला नेहरू हॉस्पिटल की कैंसर यूनिट की विभागाध्यक्ष डॉ. राधा रानी घोष, एमपीवीएम समिति की सचिव डॉ. कृष्णा गुप्ता, कोषाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता और एमपीवीएम विद्यालय की प्रधानाचार्या अल्पना डे जी मौजू़द रहीं। कार्यक्रम का प्रारंभ परंपरागत तरीके से गणेश वंदना के साथ मुख्य अतिथि सचिव और प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। महिला स्वावलंबन प्रशिक्षण केंद्र की परियोजना निदेशिका नीरजा सिंह जी ने सभी का स्वागत किया।
महिला स्वावलंबन केंद्र की छात्राओं और बाल गुरुकुलम के नन्हे -मुन्ने बच्चों ने अनेकों रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बाल गुरुकुलम के नन्हे- मुन्नों ने 'बम- बम बोल' गीत पर समूह नृत्य से समां बांध दिया। प्राचीन समय में खेले जाने वाले खेलों पर आधारित संगीतमय नाटिका- 'यादों की बरात' प्रस्तुत करके सबको स्वस्थ रहने का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर महिला स्वावलंबन केंद्र की छात्राओं ने नारी-शक्ति पर आधारित एक समूह गान- 'हम हैं शक्ति' द्वारा समाज को महिलाओं की शक्ति और सामर्थ्य को पहचानने और उनका सम्मान करने का संदेश दिया। महिला स्वावलंबन केंद्र से प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार स्थापित करने वाली पूर्णिमा ने वीडियो प्रेजेंटेशन से अपना संस्मरण प्रस्तुत करके सबको भावुक कर दिया।
बच्चों ने होली गीत प्रस्तुत कर सबको किया मंत्रमुग्ध
बाल गुरुकुलम के बच्चों ने एक शिक्षाप्रद नाटक द्वारा ,जिसका शीर्षक था-' जैसी करनी वैसी भरनी'- द्वारा भावी पीढ़ी को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ आपसी भाई-चारा, उमंग एवं उल्लास का प्रतीक त्योहार होली के गीत पर समूह-नृत्य करके सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि महोदया ने कहा कि विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, संगीत ,नाटकों के माध्यम से अपनी अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया है। महिला शक्ति ऐसी शक्ति है जो समाज को बदलने में सक्षम है। यह शक्ति महिलाओं के अंदर होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि नारी को सशक्त करने से पहले लड़कों को भी सशक्त करने की आवश्यकता है।
सचिव ने विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कहा कि बच्चों द्वारा उत्साह से भरी प्रस्तुतियों ने सिद्ध कर दिया कि हमारे छात्र न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भी उतने ही कुशल हैं। महिलाओं को विकास प्रक्रिया से जोड़ना बहुत जरूरी है और महिला स्वावलंबन प्रशिक्षण केंद्र यह कार्य कर रहा है। यहां से प्रशिक्षण लेकर कई महिलाओं ने स्वरोजगार भी स्थापित किया है। जब महिलाओं के अंदर आत्म विश्वास होगा तभी आपसी सौहार्द और प्रेम पर आधारित एक सुंदर समाज बनेगा। कार्यक्रम का समापन बाल गुरुकुलम के संचालक त्रिभुवन नाथ ने किया।