Prayagraj : महाकुंभ में शहर को दूधिया रोशनी से गुलजार करने के टेंडर में खेल
इस फर्म के काम यूपीपीसीएल, यूपीसीडा, नगर निगम, सेतु निगम और पीडीए में पहले से चल रहे हैं, लेकिन फर्म की ओर से इस टेंडर में दिए गए शपथपत्र में इन कार्यों का विवरण छिपा दिया गया है।हालांकि इस मामले में एक टेंडर निरस्त हो गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाकुंभ में शहर को दूधिया रोशनी से गुलजार करने की निविदा में खेल किए जाने का मामला सामने आया है। पीडीए के मुख्य अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने उस चहेती फर्म को तीन टेंडर आवंटित करा दिया, जिसने अपनी कार्यक्षमता के झूठा हलफनामा प्रस्तुत किया था। इस फर्म के काम यूपीपीसीएल, यूपीसीडा, नगर निगम, सेतु निगम और पीडीए में पहले से चल रहे हैं, लेकिन फर्म की ओर से इस टेंडर में दिए गए शपथपत्र में इन कार्यों का विवरण छिपा दिया गया है।हालांकि इस मामले में एक टेंडर निरस्त हो गया है।
कुंभ के कार्यों में चहेती फर्म को कार्य आवंटित करने के मामले में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने पीडीए से रिपोर्ट तलब की है। आकलैंड निवासी अरुण मिश्रा ने मंडलायुक्त, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद और पीडीए वीसी अरविंद चौहान से इसकी शिकायत की है। कहा गया है कि डीपीएस स्कूल क्राॅसिंग से नए यमुना ब्रिज के नीचे से अरैल रोड तक , लेप्रोसी चौराहा से नैनी रेलवे स्टेशन तक ओवरहेड लाइन और ट्रांसफार्मर को अंडर ग्राउंड किया जाना था। इसके अलावा हाईकोर्ट फ्लाईओवर के दोनों तरफ भी ओवरहेड लाइन और ट्रासफाॅर्मर को अंडर ग्राउंड करने के साथ ही एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग कराने का टेंडर नवंबर 2023 में कराया गया था।
दो निविदाओं में क्रमश: मेसर्स बीएल इंटर प्राइजेज और मेसर्स गंगा इलेक्टि्रकल्स ने प्रतिभाग किया। जबकि हाईकोर्ट फ्लाईओवर की निविदा में गंगा इलेक्टि्रकल के साथ मेसर्स गायत्री इलेक्टि्रकल्स वर्क्स और मेसर्स आरजी ट्रेडर्स ने हिस्सा लिया था। शिकायत में कहा गया है कि कार्यक्षमता को लेकर गंगा इलेक्टि्रकल्स की ओर से दिए गए शपथपत्र में रेलवे, नगरनिगम, पीडीए, यूपीसीडा में चल रहे अपने कार्यों को नहीं दर्शाया गया है।
इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। शपथपत्र की सत्यता को मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता ने नहीं परखा और गंगा इलेक्टि्रकल्स को कार्य आवंटित कर दिया। इसके बाद हाईकोर्ट फ्लाईओवर के पास वाली निविदा निरस्त कर दी गई। अफसरों का कहना है कि पात्रता पूरी न होने की वजह से यह निविदा निरस्त की गई। इस निविदा को नए सिरे से कराया जा रहा है।
कुंभ के तहत नैनी और हाईकोर्ट फ्लाईओवर के पास ओवरहेड लाइन को अंडरग्राउंड कराने और एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की निविदा में गड़बड़ी की शिकायत या जांच आख्या मांगे जाने की जानकारी अभी मुझे नहीं है। हाईकोर्ट वाली एक निविदा प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से निरस्त हुई है। इसे पुन: कराया जा रहा है। - आशुतोष श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, पीडीए।