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फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ा करोड़ों का राशन

Mon, 01 Aug 2016 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 01 Aug 2016 01:48 AM IST
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Fraud worth millions of rations , and offer them
wheat - फोटो : अमर उजाला
खाद्य सुरक्षा अधिनियम फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ गया। कोटेदारों से लेकर अफसरों तक ने जमकर कमाई की। जो परिवार सस्ते राशन के हकदार थे उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह अपात्रों के नाम जोड़ दिए गए। जिले भर में तकरीबन आठ लाख यूनिट का राशन फर्जी तरीके से अपात्रों के बीच बांटा जा रहा है और इसका बड़ा हिस्सा बाजार में बिक रहा है। यह खेल महीनों से जारी है, सो अब तक करोड़ों रुपये के राशन का गोलमाल हो चुका है।
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आपूर्ति विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिले में तकरीबन दो लाख अपात्र गृहस्थियों का खाद्य सुरक्षा अधिनियम में चयन किया गया है। एक अपात्र गृहस्थी में औसतन चार लोग यानी चार यूनिट हैं। ऐसे में आठ लाख यूनिट का राशन फर्जी तरीके से अपात्रों को दिया जा रहा है। इनकी छंटनी के लिए महीनों से अभियान चलाया जा रहा है लेकिन अफसरों को इसमें सफलता नहीं मिली। ग्राम प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों के विरोध और दबाव के कारण अफसर अपात्रों की छंटनी नहीं कर पा रहे हैं। कई जगह अफसर ही अपात्रों पर मेहरबान हैं। बड़ी संख्या में अपात्र फर्जीवाड़ा कर राशन प्राप्त कर उसे बाजार में बचे रहे हैं और पात्र परिवार चयनितों की सूची से बाहर होने के कारण वही राशन बाजार से मोटी कीमत में खरीद रहे हैं। 
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्डधारकों को गेहूं दो रुपये और चावल तीन रुपये किलो के भाव से दिया जाता है जबकि बाजार में इनका मूल्य कई गुना अधिक है। फर्जीवाड़ा करने वालों ने इसमें भी कमाई का रास्ता ढूंढ़ लिया और लाखों अपात्रों के नाम चयनितों की सूची में जुड़वा दिए।
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नतीजा कि पात्र परिवार चयनितों की सूची से बाहर हैं और अपात्र सस्ता राशन खरीदकर उसे बाजार में बेच रहे हैं। हालत इतनी खराब है कि अब राशन कार्ड भी फर्जी तरीके से बनाए जा रहे हैं। कई साइबर कैफे और जनसेवा केंद्रों में मूल राशनकार्ड को स्कैन कर उसमें दूसरे की फोटो लगाकर और यूनिटों में छेड़छाड़ कर फर्जी कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। शिकायत पर डीएम संजय कुमार ने कार्रवाई के निर्देश भी दिए लेकिन उनके निर्देश का कोई असर नहीं दिखा। उल्टे फर्जीवाड़ा की शिकायतें बढ़ गई हैं।


‘अपात्रों की छंटनी तेजी से की जा रही है। जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। अगर कोई अपात्र राशनकार्ड पर राशन लेता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अपात्रों की छंटनी का काम पूरा होते ही दूसरी गड़बड़ियां भी दुरुस्त हो जाएंगी।’ लक्ष्मीशंकर सिंह, एडीएम आपूर्ति
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