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पूर्व आबकारी उपायुक्त पत्नी के साथ गिरफ्तार, विजिलेंस टीम के हाथ नहीं लगा बेटा
Tue, 13 Oct 2020 10:40 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 13 Oct 2020 10:40 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विजिलेंस टीम ने सोमवार को आबकारी विभाग के आवासीय उपायुक्त भारत रत्न अशोक को बेली रोड स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। उनकी पत्नी सुधा रानी श्रीवास्तव को भी विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम को भारत रत्न अशोक के बेटे की भी तलाश थी, लेकिन वह नहीं मिला। तीनों के खिलाफ 2009 में मिर्जापुर कोतवाली में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी मामले में चार्जशीट दाखिल करने के बाद विजिलेंस टीम ने आज उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में कई अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम पूर्व आबकारी उपायुक्त और उनकी पत्नी को वाराणसी स्थित एंटी करप्शन कोर्ट के सामने पेश किया गया।
शहर के बेली रोड के रहने वाले भारत रत्न अशोक आबकारी विभाग के आवासीय उपयुक्त हैं। 2009 में वह वाराणसी मंडल के आबकारी उपायुक्त थे। इसी तरह उन पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने पत्नी सुधारानी श्रीवास्तव और बेटे सहित तमाम करीबियों के नाम फर्जी कंपनियों और फर्म बनाए और शराब के ठेके लेने में भारी फर्जीवाड़ा किया। मिर्जापुर कोतवाली में भारत रत्न अशोक, उनकी पत्नी और उनके बेटे सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद से ही जांच चल रही थी। कुछ समय पहले जांच टीम ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की और शासन से गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद सोमवार को इंस्पेक्टर आरपी चौधरी के नेतृत्व में विजिलेंस टीम पूर्व आबकारी उपायुक्त भारत रत्नअशोक के घर पहुंची। टीम ने अशोक और उनकी पत्नी सुधा रानी को गिरफ्तार कर लिया। बेटे के बारे में हस्तक्षेप की, लेकिन वह नहीं मिला। टीम ने कई जगह उसकी तलाश भी की। इंस्पेक्टर आरपी चौधरी ने बताया कि भारत रत्न का बेटा इस मामले में संतुष्ट है। उसके अलावा भी चार और लोगथेडेड है, उनकी भी तलाश चल रही है।
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शहर के बेली रोड के रहने वाले भारत रत्न अशोक आबकारी विभाग के आवासीय उपयुक्त हैं। 2009 में वह वाराणसी मंडल के आबकारी उपायुक्त थे। इसी तरह उन पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने पत्नी सुधारानी श्रीवास्तव और बेटे सहित तमाम करीबियों के नाम फर्जी कंपनियों और फर्म बनाए और शराब के ठेके लेने में भारी फर्जीवाड़ा किया। मिर्जापुर कोतवाली में भारत रत्न अशोक, उनकी पत्नी और उनके बेटे सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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इसके बाद से ही जांच चल रही थी। कुछ समय पहले जांच टीम ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की और शासन से गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद सोमवार को इंस्पेक्टर आरपी चौधरी के नेतृत्व में विजिलेंस टीम पूर्व आबकारी उपायुक्त भारत रत्नअशोक के घर पहुंची। टीम ने अशोक और उनकी पत्नी सुधा रानी को गिरफ्तार कर लिया। बेटे के बारे में हस्तक्षेप की, लेकिन वह नहीं मिला। टीम ने कई जगह उसकी तलाश भी की। इंस्पेक्टर आरपी चौधरी ने बताया कि भारत रत्न का बेटा इस मामले में संतुष्ट है। उसके अलावा भी चार और लोगथेडेड है, उनकी भी तलाश चल रही है।
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- मेडिकल और कोरोना कि जांच के बाद टीम दोनों को लेकर वाराणसी चली गई, जहां एंटी करप्शन कोर्ट के सामने दोनों को पेश किया गया। 2009 में पूर्व आबकारी उपायुक्त भारत रत्न अशोक उनकी पत्नी सुधा रानी श्रीवास्तव तथा बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। उसी मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया। बेटे समेत चार अन्य की तलाश की जा रही है। आरपी चौधरी, इंस्पेक्टर विजिलेंस।