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इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति को बेटे से जान का खतरा, न्यायालय से लगाई सुरक्षा की गुहार

Thu, 05 Mar 2020 09:37 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 05 Mar 2020 09:37 PM IST
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Former Allahabad High Court justice threatens life from son
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo

इलाहाबाद हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति ने अपनी जान का खतरा बताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पूर्व न्यायमूर्ति अंजनी कुमार और उनकी पत्नी उषा कुमार अपने बड़े बेटे चंदन कुमार से परेशान और प्रताड़ित हैं। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जवाहरलाल नेहरू रोड, प्रयागराज स्थित अपने मकान 27 /13 से अपने बड़े बेटे चंदन कुमार को बेदखल कर कब्जा वापस दिलाने की मांग की है। उन्होंने अपने बेटे पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए  संपत्ति व जीवन की सुरक्षा की भी मांग की है।

Former Allahabad High Court justice threatens life from son
सिक्योरिटी गार्ड - फोटो : demo pics

पूर्व न्यायमूर्ति ने याचिका दाखिल कर कहा है कि सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया जाए। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की खंडपीठ ने चंदन कुमार को नोटिस जारी किया तथा और राज्य सरकार सहित सभी पक्षों से 10 दिन में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।

 पूर्व न्यायमूर्ति का कहना है कि वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे। 24 अप्रैल 2001 को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नियुक्त हुए और 13 सितंबर 2008 को सेवानिवृत्त हुए। 1984 में खरीदे मकान में निवास कर रहे थे। उन्हें मकान से बेदखल कर दिया गया है । उनकी उम्र 73 साल और पत्नी की उम्र 65 साल है। सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत उन्हें संरक्षण दिया जाए।

Former Allahabad High Court justice threatens life from son
court - फोटो : prayagraj
पूर्व न्यायमूर्ति का कहना है कि मकान 1984 में उन्होंने स्वयं खरीदा था। इसके अलावा नोएडा अथॉरिटी व हाईकोर्ट की आवास समिति द्वारा सेक्टर 105 में प्लाट संख्या 250 भी उनको आवंटित किया गया । जिसमें उनका घर बना हुआ है। उस मकान में छोटे बेटे अक्षत कुमार ने 2014 में कब्जा कर लिया  है । याची ने 30/15 जवाहरलाल नेहरू रोड, प्रयागराज में दूसरी मंजिल पर फ्लैट खरीदा है।

उसके नीचे पुत्री का निवास है और उन्होंने यह फ्लैट पुत्री को दान दे दिया है। वह जवाहर लाल नेहरू स्थित अपने मकान में रह रहे थे। बेटे चंदन कुमार ने इस मकान से उन्हें बेदखल कर दिया है। याचिका में मकान का कब्जा वापस दिलाने और जानमाल की सुरक्षा करने की मांग की गई है। याचिका की सुनवाई 25 मार्च को होगी।
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