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वन अधिकार कानून लागू करने की मांग

Thu, 07 Mar 2019 12:44 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 07 Mar 2019 12:44 AM IST
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Forest rights law enforcement demand
croocked forest

देश के आदिवासियों को जंगल, जमीन छोड़ने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बुधवार को नागरिक समाज समेत विभिन्न जनवादी संगठनों की ओर से मार्च निकालकर विरोध जताया गया। पीडी टंडन पार्क, सिविल लाइन से मार्च आरंभ होकर चौराहे पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान वनाधिकार कानून 2006 लागू करो के नारे लगाए गए।अविनाश मिश्रा ने कहा कि तेरह फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आदिवासियों के पास दस्तावेज न होने के आधार पर बेदखल करने का आदेश पारित किया।

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केंद्र सरकार का कोई भी प्रतिनिधि अंतिम सुनवाई पर आदिवासियों के पक्ष में बहस करने को मौजूद नहीं था। सभा के अध्यक्ष ओडी सिंह ने कहा कि इस फैसले ने आदिवासियों पर युद्ध लाद दिया है।  मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़  सरकार की ओर से दाखिल याचिका पर 28फरवरी को को मिला यह  ‘स्टे आर्डर’ तात्कालिक राहत है। इसी का उपयोग करते  हुए सरकार से लड़ना होगा। सभा को डॉ.आशीष मित्तल और विश्वविजय ने भी संबोधित किया।
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सभा के दौरान मौजूद आइसा के मनीष कुमार, पूजा सिंह, दस्तक संपादक सीमा आजाद, आईसीएम से रामचंद्र व भाकपा से हरिश्चंद्र द्विवेदी., जसम संयोजक अंशुमान कुशवाहा  समेत विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने आदिवासियों की बेदखली के निर्णय को तत्काल वापस लेने और दलित पिछड़े आदिवासी लोगों को शिक्षा,  शैक्षिक संस्थानों से बाहर करने वाले रोस्टर को रद्द करने की मांग की है।

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