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फर्ज के लिए लगा दी जान की बाजी, शहीद हुआ जवान
Sat, 23 Feb 2019 02:02 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 23 Feb 2019 02:02 AM IST
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ndrf
- फोटो : अमर उजाला, प्रयागराज
कुंभ मेला ड्यूटी पर आया एनडीआरएफ का जवान कर्तव्य पथ पर शहीद हो गया। फर्ज के लिए जान की बाजी लगाने वाले इस जवान की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह मेले के दौरान गंगा में डूब रहे श्रद्धालु को बचाने के दौरान गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। अपनी जान पर खेलकर उन्होंने श्रद्धालु को तो बचा लिया लेकिन खुद के प्राण न्यौछावर कर दिए।
कुंभ मेला ड्यूटी के लिए इन दिनों एनडीआरएफ की कई टीमें जिले में कैंप कर रही है। इसमें पटना स्थित 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ में कार्यरत कांस्टेबल राजेंद्र गौतम निवासी लाहर, जिला विलासपुर, हिमाचल प्रदेश भी शामिल थे। 19 फरवरी को उनकी ड्यूटी मेला स्थित सेक्टर 20 के सोमेश्वर घाट पर थी। सुबह 5.45 मिनट के करीब एक श्रद्धालु स्नान करने के दौरान डूबने लगा। यह देख राजेंद्र ने उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। श्रद्धालु को पानी से बाहर निकालते वक्त वह किसी सख्त वस्तु से टकरा गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने तब तक श्रद्धालु को नहीं छोड़ा, जब तक कि उसे बचा नहीं लिया।
गंभीर चोट लगने के कारण कुछ देर बाद ही वह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें मेला क्षेत्र स्थित अस्पताल ले जाया गया जहां से गंभीर हालत में उन्हें एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि पता उनकी रीढ़ की हड्डी तीन जगह से टूट गई है जिससे उनके कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। हालत में सुधार न होने पर रात में ही उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। अगले दिन उनका ऑपरेशन भी हुआ लेकिन 22 फरवरी की रात फिर हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद भोर में पौने पांच बजे के करीब उनकी सांसें थम गईं।
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अफसरों ने बताया कि राजेंद्र मूलरूप से बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) में तैनात थे। उन्होंने वर्ष 2013 में एनडीआरएफ में ज्वाइन कर लिया था। उनके निधन पर डीजी एनडीआरएफ सत्य नारायण प्रधान समेत अन्य अफसरों व जवानों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शुक्रवार को कैंप कार्यालय में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
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कुंभ मेला ड्यूटी के लिए इन दिनों एनडीआरएफ की कई टीमें जिले में कैंप कर रही है। इसमें पटना स्थित 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ में कार्यरत कांस्टेबल राजेंद्र गौतम निवासी लाहर, जिला विलासपुर, हिमाचल प्रदेश भी शामिल थे। 19 फरवरी को उनकी ड्यूटी मेला स्थित सेक्टर 20 के सोमेश्वर घाट पर थी। सुबह 5.45 मिनट के करीब एक श्रद्धालु स्नान करने के दौरान डूबने लगा। यह देख राजेंद्र ने उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। श्रद्धालु को पानी से बाहर निकालते वक्त वह किसी सख्त वस्तु से टकरा गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने तब तक श्रद्धालु को नहीं छोड़ा, जब तक कि उसे बचा नहीं लिया।
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गंभीर चोट लगने के कारण कुछ देर बाद ही वह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें मेला क्षेत्र स्थित अस्पताल ले जाया गया जहां से गंभीर हालत में उन्हें एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि पता उनकी रीढ़ की हड्डी तीन जगह से टूट गई है जिससे उनके कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। हालत में सुधार न होने पर रात में ही उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। अगले दिन उनका ऑपरेशन भी हुआ लेकिन 22 फरवरी की रात फिर हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद भोर में पौने पांच बजे के करीब उनकी सांसें थम गईं।
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अफसरों ने बताया कि राजेंद्र मूलरूप से बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) में तैनात थे। उन्होंने वर्ष 2013 में एनडीआरएफ में ज्वाइन कर लिया था। उनके निधन पर डीजी एनडीआरएफ सत्य नारायण प्रधान समेत अन्य अफसरों व जवानों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शुक्रवार को कैंप कार्यालय में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।