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हालत गंभीर, शरीर का ऊपरी हिस्सा है झुलसा
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
Updated Fri, 10 Feb 2017 01:46 AM IST
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डॉक्टरों का कहना है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आत्मदाह करने वाले स्नातक छात्र मो. जाबिर रजा ‘इलाहाबादी’ की हालत गंभीर है। उसके शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया है। उसके चेहरे, बाल, गर्दन, सीना, पेट, पीठ और कमर के आसपास का हिस्सा आग की चपेट में आने से न केवल त्वचा जल गई है, बल्कि शरीर में होने वाला पानी भी सूख गया है। डॉक्टरों के मुताबिक इसका असर शरीर के मांसपेशियों और हड्डियाें पर हुआ है जबकि फेफड़े, किडनी और लीवर के भी प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। सांस लेने और खाने-पीने में भी दिक्कत है।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जन डॉ. मोहित जैन के अनुसार कआग की चपेट में आने से कई तरह की परेशानियां होती हैं। शरीर की त्वचा बैरियर का काम करती है। उसके खुलने से बैक्टीरिया और जीवाणु भी अटैक करने लगते हैं। शरीर संक्रमण की चपेट में जल्दी आता है। प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है और अपशिष्ट चीजें बनने लगती हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदायक हैं। जलने के बाद मरीज की तुरंत ड्राफ्टिंग भी नहीं हो पाती है। इससे घाव भरने में काफी वक्त लग जाता है। बाद में शरीर के जो अंग जल जाते हैं, वहां सिकुड़न होने से नई तरह की समस्याएं खड़ी होंगी।
शरीर में जलने वाले हिस्से
सिर और चेहरा - नौ फीसदी
सीना और पेट - 18 फीसदी
पीठ और उसके नीचे का हिस्सा - 18 फीसदी
कमर के नीचे का हिस्सा - एक फीसदी
दोनों पैर - 36 फीसदी
दोनों हाथ - 18 फीसदी
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मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जन डॉ. मोहित जैन के अनुसार कआग की चपेट में आने से कई तरह की परेशानियां होती हैं। शरीर की त्वचा बैरियर का काम करती है। उसके खुलने से बैक्टीरिया और जीवाणु भी अटैक करने लगते हैं। शरीर संक्रमण की चपेट में जल्दी आता है। प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है और अपशिष्ट चीजें बनने लगती हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदायक हैं। जलने के बाद मरीज की तुरंत ड्राफ्टिंग भी नहीं हो पाती है। इससे घाव भरने में काफी वक्त लग जाता है। बाद में शरीर के जो अंग जल जाते हैं, वहां सिकुड़न होने से नई तरह की समस्याएं खड़ी होंगी।
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शरीर में जलने वाले हिस्से
सिर और चेहरा - नौ फीसदी
सीना और पेट - 18 फीसदी
पीठ और उसके नीचे का हिस्सा - 18 फीसदी
कमर के नीचे का हिस्सा - एक फीसदी
दोनों पैर - 36 फीसदी
दोनों हाथ - 18 फीसदी