Prayagraj: बेकाबू डंपर ने पांच स्कूली छात्राओं को रौंदा, एक की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने डंपर में लगाई आग
मेजा में प्रयगराज-मिर्जापुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर घर लौट रहीं पांच छात्राओं को बेकाबू डंपर ने रौंद दिया। घटना में एक छात्रा की मौके पर मौत हो गई जबकि चार छात्राएं घायल हो गईं। घटना से आक्रोशित ग्रामीणाें ने डंपर में आग लगाने के साथ हाईवे जाम कर दिया। एसीपी व दरोगा से धक्कामुक्की भी की। किसी तरह समझाकर दो घंटे बाद उन्हें शांत कराया जा सका।
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मेजा में प्रयगराज-मिर्जापुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर घर लौट रहीं पांच छात्राओं को बेकाबू डंपर ने रौंद दिया। घटना में एक छात्रा की मौके पर मौत हो गई जबकि चार छात्राएं घायल हो गईं। घटना से आक्रोशित ग्रामीणाें ने डंपर में आग लगाने के साथ हाईवे जाम कर दिया। एसीपी व दरोगा से धक्कामुक्की भी की। किसी तरह समझाकर दो घंटे बाद उन्हें शांत कराया जा सका।
रिद्धि मिश्रा (17) पुत्री स्व जयकृष्ण मिश्रा मेजा के समहन गांव की रहने वाली थी। उसके पिता की मृत्यु तीन साल पहले सड़क हादसे में हो गई थी। वह गांव में ही स्थित जीआईसी में 12वीं की छात्रा थी और सिरसा में कोचिंग पढ़ती थी। मंगलवार दोपहर दो बजे के करीब वह रोज की तरह साइकिल से घर लौट रही थी।
वह गांव के पास पहुंची थी और इसी दौरान कठौली गांव में स्थित काशी प्रसाद सिंह इंटर कॉलेज में नौवीं कक्षा की चार छात्राएं भी छुट्टी के बाद घर लौट रही थीं। वह भी साइकिल पर सवार थीं। अचानक बेकाबू डंपर पीछे से आया और पांचों छात्राओं को चपेट में ले लिया। इससे वहां चीखपुकार मच गई।
आसपास के लोग भागकर पहुंचे तो रिद्धि की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जबकि सिमरन (16) पुत्री बलोराम निवासी बलुहा, डंपर के नीचे फंसी थी। तीन अन्य छात्राएं रितू (15) पुत्री अमर बहादुर निवासी बलुहा, राधा (16) पुत्री राजकुमार निवासी टिकुरी, और नेहा (15) पुत्री अमर घायल अवस्था में पड़ी थीं। पुलिस व स्थानीय लोगों ने तीनों घायल छात्राओं को पास के निजी अस्पताल भिजवाया जबकि सिमरन को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया। डंपर पर कई क्विंटल राखड़ लदी थी, ऐसे में क्रेन बुलवानी पड़ी।
इसके बाद सिमरन को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसका दाहिना हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो चुका था। उसे फौरन एसआरन अस्पताल भिजवाया गया और कुछ देर बाद निजी अस्पताल से रितु व राधा को भी एसआरएन रेफर कर दिया गया। वहीं, नेहा को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। तब तक मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए थे और वह घटना से आक्रोशित हो उठे। इसी दौरान डंपर में आग लगा दी गई। रोकने की कोशिश पर एसीपी रवि गुप्ता व मेजा थाने के एक दरोगा से भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने धक्कामुक्की भी की।
फायरब्रिगेड की गाड़ी पहुंची तो उसे भी रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के मना करने पर आक्रोशित लोगों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। कुछ देर बाद डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव भी आ गए और उन्होंने समझाया, तब जाकर दो घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हुआ।
घायल तीन छात्राओं को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। - विवेक चंद्र यादव, डीसीपी यमुनानगर