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कुंभ 2019: पहली बार मेले में हुआ गो-नंदी विवाह, धूमधाम से निकली बारात
Wed, 20 Feb 2019 01:16 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 20 Feb 2019 01:16 PM IST
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Kumbh 2019
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माघ पूर्णिमा को पंचदशनाम जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर मां योग योगेश्वरी यति के शिविर से पहली बार कुंभ मेले में धूमधाम से गो-नंदी विवाह हुआ। समारोह में दूल्हा बने नन्दी की बारात निकली तो सेक्टर 11 शंकराचार्य मार्ग से लेकर शास्त्री पुल तक धूम मची। उन्होंने तोरण पर नंदी का दूल्हे के रूप में स्वागत किया। गणपति स्थापना से लेकर पाणिग्रहण तक की समस्त रस्में पूरी की गईं।
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बाद में मां यति योगेश्वरी ने कहा, प्रत्येक कुंभ में गो नंदी विवाह नियमित रूप से कराया जाएगा। मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर मोहनानंद गिरि ने अगले कुंभ में संतों के साथ गो माता शिविर लगाने का संकल्प लिया। गो-नन्दी विवाह समारोह के संयोजक पंडित विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि गो-नन्दी विवाह संस्कार का महत्व स्वयं भगवान श्री कृष्ण द्वारा तथा भगवान श्री मत्स्य द्वारा उपदेशित किया गया है।
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यह परंपरा आवश्यक सत्कर्म के रूप में विद्यमान रही है। गो-नन्दी विवाह समारोह की रस्में बंसत पंचमी को प्रारम्भ होकर माघ की पूर्णमासी को विवाह के साथ पूरी हुई। कार्यक्रम में अलवर में गोमाता के गोबर से निर्मित लक्ष्मी एवं गणेश की 2000 प्रतिमाएं संतों को भेंट की गई। कार्यक्रम में दिलीप सिंह, रमेश, मनोज, अजीत, विजय, रमेश, रीता सिंह पटेल, शशि सिंह, अलका आदि मौजूद थीं।
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