प्रयागराज में करोना के सामुदायिक प्रसार की आशंका, नर्सों ने जताया आक्रोश
शहर में संक्रमण के सामुदायिक स्तर पर फैलने की आशंका बढ़ गई है। एसआरएन के सर्जरी इमरजेंसी में जूनियर रेजिडेंट, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय के पॉजिटिव आने के बाद वहां भर्ती साठ मरीजों में अधिकतर ने अपने को रेफर करा लिया या फिर वहां से दूसरे अस्पतालों में चले गए हैं।
एसआरएन में सर्जरी इमरजेंसी के आठ कर्मचारी पॉजिटिव मिले हैं। इस मुद्दे पर नर्सिंग एसोसिएशन ने चिकित्सालय प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर उनकी मांगों को अनसुना करने का आरोप लगाया है।
एसआरएन की नर्सिंग एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि सर्जरी इमरजेंसी में एक जूनियर डॉक्टर की तबीयत कई दिन पहले खराब हुई थी। जूनियर डॉक्टर को बुखार और खांसी की समस्या थी। इस बात की जानकारी भी चिकित्सालय प्रशासन को दी गई। अस्पताल प्रशासन ने जूनियर डॉक्टर को छुट्टी पर भेज दिया। इसी के चार दिन बाद ही स्टाफ नर्स की तबीयत खराब हुई और वह भी पॉजिटिव आई।
इसके बाद लगातार सर्जरी इमरजेंसी के स्वास्थ्य कर्मी पॉजिटिव आ रहे हैं। एसोसिएशन का कहना है कि अस्पताल प्रशासन नर्सों पर झूठा आरोप लगा रहा है कि वह बाहर से संक्रमित होकर आईं हैं।
कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है, लेकिन ऐसा है तो इसका पता लगाया जाएगा। उधर, विभाग में बचे करीब 20 मरीजों की जांच के लिए नमूना ले लिया गया है। ये मरीज एसआरएन के पुरानी बिल्डिंग में वार्ड नंबर पांच में शिफ्ट किए गए हैं।