प्रयागराज : ट्रैक्टर संग किसानों ने रैली निकालकर दिखाई ताकत, सभा करके सरकार को चेताया
धान खरीद तथा कृषि संबंधी अन्य समस्याओं का समाधान नहीं होने से नाराज किसानों ने बृहस्पतिवार को एकजुटता दिखाई। 16 सूत्रीय मांग को लेकर उन्होंने 50 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजा घर के पास धरना दिया। सभी मांगों पर सकारात्मक वार्ता के बाद किसानों ने देर शाम को धरना समाप्त किया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के बैनर तले जुटे किसानों का कहना था कि ज्यादातर धान क्रय केंद्र बंद हैं। जहां खुले हैं वहां कम कीमत पर धान की खरीद की जा रही है। उन्होंने सिंचाई, बिजली कटौती, अधिक बिजली बिल, अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा नहीं दिए जाने समेत अनेक मुद्दों को लेकर धरना दिया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में किसान झलवा स्थित यूनियन कार्यालय पर जुटे। वे ट्रैक्टर लेकर पहुंचे थे। वहां से ट्रैक्टर रैली निकालते हुए वे धरना स्थल पर पहुंचे।
पहले से ही प्रस्तावित थी रैली
धरना स्थल पर पहले से ही सैकड़ों किसान मौजूद थे। किसानों के जमावड़े को देखकर प्रशासन भी सकते में रहा। आंदोलन की पहले से घोषणा थी। इसलिए धरना स्थल पर फोर्स तैनात रही। रास्ते में भी जगह-जगह भी फोर्स तैनात रही। अलग-अलग स्तर पर किसानों की अफसरों संग कई चरणों की वार्ता हुई। एडीएम सिटी मदन कुमार की अगुवाई में शाम को फिर वार्ता हुई। इस दौरान नगर निगम, प्रयागराज विकास प्राधिकरण, बिजली, सिंचाई समेत किसानों की मांगों से संबंधित अन्य विभाग के अफसर भी मौजूद रहे। अफसरों ने किसानों की 15 मांगें मान लीं।
सिर्फ धान खरीद को लेकर गतिरोध बना रहा। किसान सभी क्रय केंद्र खोलने तथा उचित मूल्य दिए जाने की मांग कर रहे थे। अफसरों ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में स्थिति सामान्य हो जाएगी। इसके बाद करीब साढ़े सात बजे उन्होंने धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, किसान अनिश्चितकालीन धरना की तैयारी में आए थे। ऐसे में शाम होते हुए खाना बनाने लगा था। इसकी वजह से किसान देर रात तक डटे हुए थे। वार्ता में किसानों की तरफ से मंडल अध्यक्ष सालिगराम यादव, जिलाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह, संजय यादव, अजीत पांडेय आदि शामिल रहे।
किसान लंबे आंदोलन की तैयारी में आए थे। इसे ध्यान में रखते हुए बिस्तर, खाना बनाने के लिए बर्तन आदि के इंतजाम किए गए थे।
अलग-अलग समूह में भी पहुंचे किसान
झलवा के अलावा अन्य स्थानों से भी किसान धरना स्थल पर पहुंचे थे। सोरांव के किसान ढोल-नगाड़े के साथ पहुंचे थे। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।