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परीक्षा में फेल, मूल्यांकन पर असमंजस
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 05 Mar 2015 08:37 PM IST
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दसवीं, बारहवीं की परीक्षा में नकल रोकने में फेल यूपी बोर्ड मूल्यांकन को लेकर कोई फैसला नहीं कर पा रहा है। मूल्यांकन कब से होना है, इसके बारे में अब तक बैठक भी नहीं हुई। ऐसे में बोर्ड की ओर से पहली अप्रैल से प्रस्तावित नए शैक्षिक सत्र के समय से शुरू होने पर संदेह गहराने लगा है।
बोर्ड की ओर से मूल्यांकन को लेकर रणनीति तय नहीं करने से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परिणाम भी प्रभावित हो सकते हैं। बोर्ड की लेटलतीफी का आलम यह है कि अभी तक निरस्त परीक्षाओं के बारे में भी कोई फैसला नहीं हुआ है। नकल के आरोप में पकड़े गए केन्द्र व्यवस्थापकों के खिलाफ अभी तक प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कराई जा सकी है।
यूपी बोर्ड को ओर से परीक्षा तैयारी को लेकर शुरू हुई देरी का क्रम बोर्ड परीक्षा आधे से अधिक बीत जाने के बाद भी पटरी पर नहीं आ सकी है। परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण, पंजीकरण, प्रैक्टिकल परीक्षा में देरी करने वाले यूपी बोर्ड की ओर से अभी तक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर कोई तिथि घोषित नहीं की गई है। बोर्ड के अधिकारियों की माने तो मूल्यांकन तिथि तय करने के लिए फाइल शासन के पास भेज दी गई है। वहीं से तिथि तय करने के लिए बैठक बुलाई जाएगी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा में सचल दस्ते की ओर से नकल के आरोप में पकड़े गए केन्द्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों सहित परीक्षार्थियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई नहीं होते देख इन केन्द्र व्यवस्थापकों का हौसला बुलंद है, उनको परीक्षा ड्यूटी से भले ही हटा दिया गया हो परंतु उनकी जगह नियुक्त दूसरे केन्द्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक नकल को आगे बढ़ा रहे हैं। कार्रवाई की सिफारिश करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि इससे नकल माफिया का हौसला बढ़ा है।
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बोर्ड की ओर से मूल्यांकन को लेकर रणनीति तय नहीं करने से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परिणाम भी प्रभावित हो सकते हैं। बोर्ड की लेटलतीफी का आलम यह है कि अभी तक निरस्त परीक्षाओं के बारे में भी कोई फैसला नहीं हुआ है। नकल के आरोप में पकड़े गए केन्द्र व्यवस्थापकों के खिलाफ अभी तक प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कराई जा सकी है।
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यूपी बोर्ड को ओर से परीक्षा तैयारी को लेकर शुरू हुई देरी का क्रम बोर्ड परीक्षा आधे से अधिक बीत जाने के बाद भी पटरी पर नहीं आ सकी है। परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण, पंजीकरण, प्रैक्टिकल परीक्षा में देरी करने वाले यूपी बोर्ड की ओर से अभी तक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर कोई तिथि घोषित नहीं की गई है। बोर्ड के अधिकारियों की माने तो मूल्यांकन तिथि तय करने के लिए फाइल शासन के पास भेज दी गई है। वहीं से तिथि तय करने के लिए बैठक बुलाई जाएगी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा में सचल दस्ते की ओर से नकल के आरोप में पकड़े गए केन्द्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों सहित परीक्षार्थियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई नहीं होते देख इन केन्द्र व्यवस्थापकों का हौसला बुलंद है, उनको परीक्षा ड्यूटी से भले ही हटा दिया गया हो परंतु उनकी जगह नियुक्त दूसरे केन्द्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक नकल को आगे बढ़ा रहे हैं। कार्रवाई की सिफारिश करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि इससे नकल माफिया का हौसला बढ़ा है।