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मान्यता देने में विलंब पर कुलपति से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 18 Jun 2015 01:56 AM IST
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इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध कालेजों के पाठ्क्रम को मान्यता देने में विलंब करने पर हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव से जवाब तलब कर लिया है। कोर्ट का कहना है कि विश्वविद्यालय ने मान्यता देने में विलंब कर हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। अदालत ने 16 जून से प्रारंभ हो रही परीक्षाओं में शामिल होने की याची छात्रों को अनुमति दे दी है। जवाब 13 जुलाई तक दाखिल करना है।
मेरठ के प्रकाश इंस्टीट्यूट और कैलाश इंस्टीट्यूट के तकनीकी पाठ्यक्रमों में दाखिल लेने वाली छात्रा अक्षिता साही, सदफ फातिमा सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने याचिकाएं दाखिल कर शिकायत की थी कि उनके कालेजों में चल रहे पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय ने मान्यता नहीं दी है जिससे उनका भाविष्य खराब हो सकता है। इससे पहले से हाईकोर्ट ने कालेजों को मान्यता देने देने हुए कमेटी गठित कर निर्णय लेने का आदेश दे चुका है। विश्वविद्यालय ने 13 जून को कमेटी गठित की जिसकी वजह से अभी तक मान्यता देने पर निर्णय नहीं हो पाया है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव से जवाब तलब करते हुए संस्थानों के छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है।
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मेरठ के प्रकाश इंस्टीट्यूट और कैलाश इंस्टीट्यूट के तकनीकी पाठ्यक्रमों में दाखिल लेने वाली छात्रा अक्षिता साही, सदफ फातिमा सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने याचिकाएं दाखिल कर शिकायत की थी कि उनके कालेजों में चल रहे पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय ने मान्यता नहीं दी है जिससे उनका भाविष्य खराब हो सकता है। इससे पहले से हाईकोर्ट ने कालेजों को मान्यता देने देने हुए कमेटी गठित कर निर्णय लेने का आदेश दे चुका है। विश्वविद्यालय ने 13 जून को कमेटी गठित की जिसकी वजह से अभी तक मान्यता देने पर निर्णय नहीं हो पाया है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव से जवाब तलब करते हुए संस्थानों के छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है।
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