{"_id":"5fdd085e231b1047645ab2bb","slug":"exclusive-e-invoices-are-in-trouble-vehicle-owner-upset-invoice-related-messages-not-reaching-even-after-months","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सक्लूसिव : ई चालान बन रहे मुसीबत, वाहन स्वामी परेशान, महीनों बाद भी नहीं पहुंच रहे चालान संबंधी मैसेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सक्लूसिव : ई चालान बन रहे मुसीबत, वाहन स्वामी परेशान, महीनों बाद भी नहीं पहुंच रहे चालान संबंधी मैसेज
Sat, 19 Dec 2020 01:21 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 19 Dec 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
e- challan
- फोटो : Social media
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई ई चालान व्यवस्था अब आम लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। कई लोगों को चालान कटने के महीनों बाद भी एसएमएस न मिलने से जानकारी नहीं मिल पा रही है। तो कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें मिलने वाले नोटिस व जुर्माने की वास्तविक राशि में अंतर के चलते परेशान होना पड़ रहा है। बड़ी बात यह है कि इन समस्याओं को लेकर जिम्मेदार भी गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोटिस 300 का, जुर्माना भराया 500
दिन शुक्रवार, समय लगभग ढाई बजे। पुलिस लाइन में ई चालान जमा करने पहुंचे एक शख्स की काउंटर पर बैठे पुलिसकर्मी से नोकझोंक हो गई। वजह यह थी कि चालान संबंधी जो नोटिस भुक्तभोगी के पास पहुंचा था, उसमें जुर्माना राशि 300 रुपये थी। लेकिन उससे जुर्माना 500 रुपये भराया गया। पूछने पर पुलिसकर्मी इसकी कोई ठोस वजह नहीं बता सके। उनका सिर्फ यह कहना था कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से यह समस्या हो रही है और रोज सैकड़ों लोगों को वह यह बात बता रहे हैं। यह पूछने पर कि इस गड़बड़ी को दूर करने के संबंध में कोई प्रयास किए जा रहे हैं अथवा नहीं, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
चार महीने बाद भी नहीं पहुंचा एमएमएस
चालान के बाद एसएमएस नहीं मिलने से लोगों को महीनों बाद भी जानकारी नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को चालान जमा करने पहुंचे शख्स ने बताया कि उनकी कार का चालान चार महीने पहले अगस्त में हुआ। लेकिन न ही उन्हें कोई एसएमएस मिला, न ही हार्ड कॉपी उनके पते पर पहुंची। ऑनलाइन स्टेटस जांचने पर पता चला कि उनकी गाड़ी का चालान हुआ है। जिसके बाद वह जुर्माना जमा करने पुलिस लाइन पहुंचे। उनका कहना था कि खुद न जांचने पर जुर्माना भरने के लिए उन्हें न्यायालय के भी चक्कर काटने पड़ते। काउंटर पर जाने पर पुलिसकर्मी शिकायत अफसरों से करने की बात कहते हैं और जब कार्यालय में जाओ तो वहां कोई मिलता ही नहीं
विज्ञापन