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Prayagraj News: परिजनों के बयान से नहीं मेल खा रहे साक्ष्य, करीबियों पर ही गहराया शक
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गौहनिया। किशोरी की मौत पर उसके घर में मौजूद महिलाएं
घूरपुर थाना क्षेत्र के कांटी गांव के डेरा खटिकान बस्ती में 15 वर्षीय सरिता की हत्या मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि हत्या से करीब एक-डेढ़ घंटे पहले सरिता ने खाना खाया था। इससे साफ हो रहा है कि सरिता की हत्या सुबह पांच बजे के बाद नहीं, बल्कि रात में ही हो गई थी जबकि परिजनों के अनुसार, सुबह पांच बजे के करीब वह घर से निकली थी। ऐसे में पुलिस को करीबियों पर हत्या का शक गहराता जा रहा है।
पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि सरिता ने रात में ही खाना खा लिया था और सुबह पांच बजे शौच के लिए निकली थी। ऐसे में पुलिस की शक की सुई करीबियों की तरफ ही घूम रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को दिए बयान भी आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अलग कहानी बयां कर रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने बताया कि सरिता मानसिक रूप से कमजोर थी। इसलिए वह पढ़ाई नहीं करती थी और ना ही उसके पास कोई मोबाइल फोन था।
हत्या में इस्तेमाल हथियार को पास ही पानी में फेंकने की आशंका
जिस जगह पर शव मिला, वहां पर खाली जमीन है, इसके कुछ हिस्से में पानी भरा है। इसके किनारे ही सरिता मृत पड़ी मिली। घटनास्थल पर आने-जाने के लिए आम रास्ता भी नहीं है। घटनास्थल के थोड़ी दूर पर पानी भरा हुआ है। पुलिस को शक है कि हत्या में इस्तेमाल हथियार को भी इसी में फेंका गया होगा।
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गांव के दो युवकों ने दी थी शव मिलने की जानकारी
रमेश चंद्र सोनकर ने पुलिस को बताया कि बेटी सरिता रात में खाना खाकर घर में सोई थी। सुबह करीब पांच बजे वह शौच के लिए निकली और फिर वापस घर नहीं लौटी। इसके बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए। इतने में गांव के दो युवकों ने सरिता के बारे में बताया कि वह अनिल पांडेय की बाउंड्री के अंदर मृत पड़ी है। जाकर देखा तो बेटी का किसी ने गला रेतकर हत्या करने के बाद फेंक दिया था।
परिजनों ने किसी पर नहीं जताया शक
पिता रमेश सोनकर ने बताया कि उनको किसी पर शक नहीं है। वहीं, सरिता की मां संतोषा देवी व ग्रामीणों का रो-रो कर बुरा हाल है। रोते बिलखते हुए मां ने बताया कि सरिता सीधी लड़की थी, वह घर पर ही रहती थी मोबाइल फोन का भी प्रयोग भी नहीं करती थी। उसका किसी से कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं था।
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पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि सरिता ने रात में ही खाना खा लिया था और सुबह पांच बजे शौच के लिए निकली थी। ऐसे में पुलिस की शक की सुई करीबियों की तरफ ही घूम रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को दिए बयान भी आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अलग कहानी बयां कर रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने बताया कि सरिता मानसिक रूप से कमजोर थी। इसलिए वह पढ़ाई नहीं करती थी और ना ही उसके पास कोई मोबाइल फोन था।
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हत्या में इस्तेमाल हथियार को पास ही पानी में फेंकने की आशंका
जिस जगह पर शव मिला, वहां पर खाली जमीन है, इसके कुछ हिस्से में पानी भरा है। इसके किनारे ही सरिता मृत पड़ी मिली। घटनास्थल पर आने-जाने के लिए आम रास्ता भी नहीं है। घटनास्थल के थोड़ी दूर पर पानी भरा हुआ है। पुलिस को शक है कि हत्या में इस्तेमाल हथियार को भी इसी में फेंका गया होगा।
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गांव के दो युवकों ने दी थी शव मिलने की जानकारी
रमेश चंद्र सोनकर ने पुलिस को बताया कि बेटी सरिता रात में खाना खाकर घर में सोई थी। सुबह करीब पांच बजे वह शौच के लिए निकली और फिर वापस घर नहीं लौटी। इसके बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए। इतने में गांव के दो युवकों ने सरिता के बारे में बताया कि वह अनिल पांडेय की बाउंड्री के अंदर मृत पड़ी है। जाकर देखा तो बेटी का किसी ने गला रेतकर हत्या करने के बाद फेंक दिया था।
परिजनों ने किसी पर नहीं जताया शक
पिता रमेश सोनकर ने बताया कि उनको किसी पर शक नहीं है। वहीं, सरिता की मां संतोषा देवी व ग्रामीणों का रो-रो कर बुरा हाल है। रोते बिलखते हुए मां ने बताया कि सरिता सीधी लड़की थी, वह घर पर ही रहती थी मोबाइल फोन का भी प्रयोग भी नहीं करती थी। उसका किसी से कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं था।