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अस्सी फीसदी प्रभावित है कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 14 Nov 2016 01:05 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, ठेले, खोमचों पर बिकने वाले खाने-पीने के सामान से लेकर किराना, जनरल स्टोर आदि तक कारोबार पिछले पांच दिनों में 80 फीसदी तक प्रभावित हो गया है। शोरूम, दुकानों से ग्राहक गायब हैं। रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, खोमचों आदि में पहले के मुकाबले सामान भी कम बन रहा है। बाजार और ग्राहकों के पास फुटकर की कमी होने के कारण नौ नवंबर से अब तक ज्यादातर दुकानों में कारोबार मात्र 20 प्रतिशत रह गया है। हर कोई जल्द बाजार में पांच सौ और दो हजार के नए नोट पर्याप्त मात्रा में आने का इंतजार कर रहे हैं।
बाजार में फुटकर पैसों का जबरदस्त संकट है। इसकी वजह से पिछले पांच दिनों में लोगों में खर्च की प्रवृति कम हुई है। जिस सिविल लाइंस, कटरा, चौक जैसे प्रमुख बाजारों के शोरूमों में आठ नवंबर तक जबरदस्त भीड़ थी। लोग घरेलू सामान के साथ सहालग के मद्देनजर खरीदारी में मशगूल थे, वहां अब गिने-चुने ही ग्राहक हैं, वह भी बड़ी मजबूरी में पहुंच रहे हैं। सिविल लाइंस में एलचिको, हार्टस्टफ, मेला, क्वालिटी, हल्दीराम, बिकानेरवाला, शामियाना, अंबर कैफे आदि रेस्टोरेंट ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है तो कटरा में कान्हा, नेतराम, सिविल लाइंस में कामधेनू, एंगलोबंगाली के पास टोपनदास, बहादुरगंज में सुलाकी जैसी प्रतिष्ठित मिठाई एवं कन्फेक्शनरी आइट्मस की दुकानों के साथ ऐसे सामान बेचने वाले छोटे शोरूमों पर भी ग्राहकों की संख्या आधी से कम रह गई है।
कान्हा स्वीट्स के प्रोपराइटर शिवबाबू का कहना है कि जब तक बाजार में पर्याप्त मात्रा में नए नोट के साथ 100 और 50 के नोट नहीं आएंगे, समस्या बनी रहेगी, क्योंकि दुकानों पर आने वाले ग्राहकों से सामान लेने के पहले नोट के बारे में ही पूछा जा रहा है। पांच सौ और हजार के नोट होने पर सामान देने से इंकार कर दिया जा रहा है।
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पांच सौ और हजार के नोट बंद होने से ट्रांसपोर्ट नगर में भी कारोबार काफी अधिक प्रभावित हैं। आम दिनों में यहां हार्डवेयर, पेंट, होजरी, रेडीमेड कपडे़, हैंडलूम, ड्राईफ्रूट्स, दाल, चावल, मसाले, आटो पार्ट्स आदि आइट्मस के तकरीबन 25 से 30 ट्रक पहुंचते थे लेकिन पिछले दो दिन से ट्रांसपोर्ट नगर में माल नहीं पहुंच रहा है। नोट पर पाबंदी के पहले विभिन्न प्रदेशों और शहरों से जो माल चला था, वह बृहस्पतिवार और शुक्रवार तक यहां पहुंचा। ट्रांसपोर्टरों ने माल उतारकर गोदाम में रख दिया लेकिन अब व्यापारी उसे लेने नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि ट्रांसपोर्टरों ने भी पांच सौ और हजार के नोट लेना बंद कर दिया है। ट्रांसपोर्टर कुलदीप मिश्र का कहना है कि तीन दिन पहले तक आए माल से गोदाम भरे पड़े हैं। अब नए माल की लोडिंग भी बंद है, क्योंकि यह कारोबार ज्यादातर नगद राशि में होता है लेकिन अब इसी का संकट खड़ा हो गया है।
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बाजार में फुटकर पैसों का जबरदस्त संकट है। इसकी वजह से पिछले पांच दिनों में लोगों में खर्च की प्रवृति कम हुई है। जिस सिविल लाइंस, कटरा, चौक जैसे प्रमुख बाजारों के शोरूमों में आठ नवंबर तक जबरदस्त भीड़ थी। लोग घरेलू सामान के साथ सहालग के मद्देनजर खरीदारी में मशगूल थे, वहां अब गिने-चुने ही ग्राहक हैं, वह भी बड़ी मजबूरी में पहुंच रहे हैं। सिविल लाइंस में एलचिको, हार्टस्टफ, मेला, क्वालिटी, हल्दीराम, बिकानेरवाला, शामियाना, अंबर कैफे आदि रेस्टोरेंट ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है तो कटरा में कान्हा, नेतराम, सिविल लाइंस में कामधेनू, एंगलोबंगाली के पास टोपनदास, बहादुरगंज में सुलाकी जैसी प्रतिष्ठित मिठाई एवं कन्फेक्शनरी आइट्मस की दुकानों के साथ ऐसे सामान बेचने वाले छोटे शोरूमों पर भी ग्राहकों की संख्या आधी से कम रह गई है।
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कान्हा स्वीट्स के प्रोपराइटर शिवबाबू का कहना है कि जब तक बाजार में पर्याप्त मात्रा में नए नोट के साथ 100 और 50 के नोट नहीं आएंगे, समस्या बनी रहेगी, क्योंकि दुकानों पर आने वाले ग्राहकों से सामान लेने के पहले नोट के बारे में ही पूछा जा रहा है। पांच सौ और हजार के नोट होने पर सामान देने से इंकार कर दिया जा रहा है।
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पांच सौ और हजार के नोट बंद होने से ट्रांसपोर्ट नगर में भी कारोबार काफी अधिक प्रभावित हैं। आम दिनों में यहां हार्डवेयर, पेंट, होजरी, रेडीमेड कपडे़, हैंडलूम, ड्राईफ्रूट्स, दाल, चावल, मसाले, आटो पार्ट्स आदि आइट्मस के तकरीबन 25 से 30 ट्रक पहुंचते थे लेकिन पिछले दो दिन से ट्रांसपोर्ट नगर में माल नहीं पहुंच रहा है। नोट पर पाबंदी के पहले विभिन्न प्रदेशों और शहरों से जो माल चला था, वह बृहस्पतिवार और शुक्रवार तक यहां पहुंचा। ट्रांसपोर्टरों ने माल उतारकर गोदाम में रख दिया लेकिन अब व्यापारी उसे लेने नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि ट्रांसपोर्टरों ने भी पांच सौ और हजार के नोट लेना बंद कर दिया है। ट्रांसपोर्टर कुलदीप मिश्र का कहना है कि तीन दिन पहले तक आए माल से गोदाम भरे पड़े हैं। अब नए माल की लोडिंग भी बंद है, क्योंकि यह कारोबार ज्यादातर नगद राशि में होता है लेकिन अब इसी का संकट खड़ा हो गया है।