{"_id":"59f8d62f4f1c1b97678b862b","slug":"dsw-changed-after-hostel-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"हॉस्टल विवाद के बाद डीएसडब्ल्यू बदले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हॉस्टल विवाद के बाद डीएसडब्ल्यू बदले
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 01 Nov 2017 01:41 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हॉस्टलों को लेकर लगातार चल रहे विवाद के बीच डीएसडब्लूडी (छात्र कल्याण अधिष्ठाता) को बदल दिया गया है। प्रो. आरकेपी सिंह की जगह प्राचीन इतिहास विभाग के प्रो. हर्ष कुमार को डीएसडब्लयू की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। मंगलवार शाम उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। हॉस्टल को लेकर मंगलवार को भी विश्वविद्यालय में हंगामा हुआ और एसएसएल हॉस्टल के छात्रों ने डीएसडब्ल्यू कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में वॉश आउट की कार्रवाई के महीनों बाद भी हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसको लेकर आए दिन विश्वविद्यालय में हंगामा हो रहा है। सोमवार को भी ताराचंद हॉस्टल के छात्रों ने कैंटीन के मसले पर डीएसडब्ल्यू दफ्तर पर प्रदर्शन किया था। वहीं, हिंदू हॉस्टल अब तक खाली पड़ रहने के कारण इधर-उधर भटक रहे छात्रों ने भी डीएसडब्ल्यू कार्यालय पर हंगामा किया था। मंगलवार को एसएसएल के छात्रों ने हॉस्टल में ब्लॉक सर्वेंट न होने पर डीएसडब्ल्यू दफ्तर पर शोरशराबा किया। हॉस्टल विवाद के बीच मंगलवार को ही डीएसडब्ल्यू पद पर कुलपति ने फेरबदल का आदेश जारी कर दिया।
अब तक डीएसडब्ल्यू रहे प्रो. आरकेपी सिंह को डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट की जिम्मेदार सौंप दी और अब तक यह पद संभाल रहे जंतु विज्ञान के प्रो. आरएस पांडेय की उनकी विभाग में वापसी हो गई। प्रो. हर्ष कुमार को नया डीएसडब्ल्यू बनाया गया। हालांकि इस पद काम करने का अनुभव उन्हें पहले से है। प्रो. हर्ष 21 जनवरी 2016 से तीन अगस्त 2016 तक डीएसडब्ल्यू रह चुके हैं। इसके अलावा वह अगस्त 2016 से मार्च 2017 तक विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर भी रहे। वर्तमान में वह विश्वविद्यालय के पीआरओ हैं। डीएसडब्ल्यू पद की नई जिम्मेदारी के साथ वह पीआरओ का काम भी देखेंगे। हालांकि हॉस्टलों को लेकर आए दिए जिस तरह से हंगमा हो रहा है, उन परिस्थितियों में काम करना प्रो. हर्ष कुमार के लिए बड़ी चुनौती होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में वॉश आउट की कार्रवाई के महीनों बाद भी हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसको लेकर आए दिन विश्वविद्यालय में हंगामा हो रहा है। सोमवार को भी ताराचंद हॉस्टल के छात्रों ने कैंटीन के मसले पर डीएसडब्ल्यू दफ्तर पर प्रदर्शन किया था। वहीं, हिंदू हॉस्टल अब तक खाली पड़ रहने के कारण इधर-उधर भटक रहे छात्रों ने भी डीएसडब्ल्यू कार्यालय पर हंगामा किया था। मंगलवार को एसएसएल के छात्रों ने हॉस्टल में ब्लॉक सर्वेंट न होने पर डीएसडब्ल्यू दफ्तर पर शोरशराबा किया। हॉस्टल विवाद के बीच मंगलवार को ही डीएसडब्ल्यू पद पर कुलपति ने फेरबदल का आदेश जारी कर दिया।
विज्ञापन
अब तक डीएसडब्ल्यू रहे प्रो. आरकेपी सिंह को डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट की जिम्मेदार सौंप दी और अब तक यह पद संभाल रहे जंतु विज्ञान के प्रो. आरएस पांडेय की उनकी विभाग में वापसी हो गई। प्रो. हर्ष कुमार को नया डीएसडब्ल्यू बनाया गया। हालांकि इस पद काम करने का अनुभव उन्हें पहले से है। प्रो. हर्ष 21 जनवरी 2016 से तीन अगस्त 2016 तक डीएसडब्ल्यू रह चुके हैं। इसके अलावा वह अगस्त 2016 से मार्च 2017 तक विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर भी रहे। वर्तमान में वह विश्वविद्यालय के पीआरओ हैं। डीएसडब्ल्यू पद की नई जिम्मेदारी के साथ वह पीआरओ का काम भी देखेंगे। हालांकि हॉस्टलों को लेकर आए दिए जिस तरह से हंगमा हो रहा है, उन परिस्थितियों में काम करना प्रो. हर्ष कुमार के लिए बड़ी चुनौती होगी।
विज्ञापन