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Doctor Death : एमआईसीयू में ले जाने से पहले डाॅक्टर को दिया था सीपीआर, दाखिल किया गया जवाब
Sun, 06 Oct 2024 05:06 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 06 Oct 2024 05:06 PM IST
सार
सर्जरी, मेडिसिन, एनेस्थीसिया और आर्थोपेडिक के रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्राक्टोरियल बोर्ड को लिखित जवाब दाखिल किया है। इन चारों विभागों के लगभग 25 रेजिडेंट डॉक्टरों के बयान में इसी बात का जिक्र किया गया है। वहीं दूसरी तरफ मामले के आरोपी डाॅक्टर शिवम और डाक्टर सचिन यादव ने भी लिखित बयान दर्ज कराया है।
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डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हड्डी रोग विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर कार्तिकेय को कार से निकालने के बाद उन्हें रेजिडेंट डॉक्टरों ने तुरंत जमीन पर लेटाकर सीपीआर दिया था। इसके कुछ देर बाद उन्हें एमआईसीयू में ले जाया गया था, जहा उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर हार्ट में इंजेक्शन भी लगाया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें ब्राड डेड माना गया। यह कहना है, रेजिडेंट डॉक्टरों का।
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सर्जरी, मेडिसिन, एनेस्थीसिया और आर्थोपेडिक के रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्राक्टोरियल बोर्ड को लिखित जवाब दाखिल किया है। इन चारों विभागों के लगभग 25 रेजिडेंट डॉक्टरों के बयान में इसी बात का जिक्र किया गया है। वहीं दूसरी तरफ मामले के आरोपी डाॅक्टर शिवम और डाक्टर सचिन यादव ने भी लिखित बयान दर्ज कराया है।
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इसके अलावा आर्थोपेडिक के विभागाध्यक्ष डाक्टर डीसी श्रीवास्तव ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया है। क्योंकि जब यह घटना घटित हुई तब वह छुट्टी पर थे।एमएलएन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा ने बताया कि सभी विभागों के रेजिडेंट डॉक्टरों से लिखित बयान मांगा गया है। फिलहाल प्राक्टोरियल बोर्ड मामले की जांच कर रहा है।
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