{"_id":"5b3687574f1c1bf86e8baa17","slug":"do-free-service-during-aquarius-doctor-covind","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंभ के दौरान नि:शुल्क सेवा करें डॉक्टर : कोविंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंभ के दौरान नि:शुल्क सेवा करें डॉक्टर : कोविंद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को यहां डॉक्टरों से अपनी अतुलनीय सेवा के माध्यम से कुंभ को अद्भुत और अविस्मरणीय बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कुंभ में आने वाले 15 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी आप पर है। श्रद्धा भावना से ऐसा कार्य करें कि यहां से कोई बीमार होकर न जाए। एक महीने व्यवसाय नहीं, सेवा करें तो दुनिया भर में अद्वितीय संदेश जाएगा। कुंभ सेवा भाव व्यक्त करने का उपयुक्त अवसर है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संगमनगरी में इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के सम्मेलन भवन और पुनर्वास केंद्र का लोकार्पण करने आए थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर पदवी नहीं, मानसिक संतुष्टि का कारण है। आय से बड़ी चीज है राष्ट्र निर्माण में अप्रत्यक्ष योगदान, इसलिए कुंभ में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क सेवा देकर देश और समाज हित में योगदान करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि लोग डॉक्टरों को ‘भगवान’ का दर्जा देते हैं। गंभीर मरीज स्वस्थ होकर जाता है तो उससे ज्यादा संतुष्टि डॉक्टर को होती है। उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोफेशन केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं है, बल्कि यह एक नोबल प्रोफेशन है, जिसमें मानवता के पक्ष को प्राथमिकता दी जाती है। डॉक्टरों के हितों का ध्यान रखने के साथ-साथ मरीजों के विशेषकर गरीब मरीजों के हितों को सर्वोपरि रखना आप सबका नैतिक दायित्व है। राष्ट्रपति ने कहा कि उद्देश्य है कि सभी नागरिकों को कम खर्च पर समुचित स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। इसके लिए आयुष्मान भारत, नेशनल हेल्थ मिशन समेत अन्य योजनाएं के क्रियान्वयन के साथ दवाओं की कीमतें कम कर जनऔषधि केंद्रों की स्थापना की गई। इस प्रयास में डॉक्टरों का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने कहाकि विश्व के अनेक देशों में बिग डेटा के इस्तेमाल से मरीजों को बेहतर उपचार देने की दिशा में काम हो रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि भारत में भी डॉक्टर और टेक्नोलॉजिस्ट इस दिशा में और बेहतर काम करेंगे। कार्यक्रम में मंच पर राष्ट्रपति की पत्नी कविता कोविंद, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, स्टांप मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर अभिलाषा गुप्ता, आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, एएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल शुक्ला मौजूद रहे। डॉ. अनिल ने अतिथियों का स्वागत और एएमए सचिव डॉ. त्रिभुवन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. राधारानी घोष ने किया।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश में डॉक्टरों के परिश्रम और योगदान के बल पर अनेक पैमानों पर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। औसत आयु बढ़कर अब 68 वर्ष से अधिक हो गयी है, जो कि आजादी के समय केवल 32 वर्ष थी। चिकित्सकों की सेवा, टीकाकरण समेत अन्य योजनाओं पर प्रभावशाली उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। राष्ट्रपति ने दीप प्रज्ज्वलित कर एएमए के शताब्दी समारोह का बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन किया। उन्होंने शिलापट्ट का अनावरण कर एएमए के सम्मेलन भवन और पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन कर प्रथम दिवस आवरण का लोकार्पण किया।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा कि लोग डॉक्टरों को ‘भगवान’ का दर्जा देते हैं। गंभीर मरीज स्वस्थ होकर जाता है तो उससे ज्यादा संतुष्टि डॉक्टर को होती है। उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोफेशन केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं है, बल्कि यह एक नोबल प्रोफेशन है, जिसमें मानवता के पक्ष को प्राथमिकता दी जाती है। डॉक्टरों के हितों का ध्यान रखने के साथ-साथ मरीजों के विशेषकर गरीब मरीजों के हितों को सर्वोपरि रखना आप सबका नैतिक दायित्व है। राष्ट्रपति ने कहा कि उद्देश्य है कि सभी नागरिकों को कम खर्च पर समुचित स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। इसके लिए आयुष्मान भारत, नेशनल हेल्थ मिशन समेत अन्य योजनाएं के क्रियान्वयन के साथ दवाओं की कीमतें कम कर जनऔषधि केंद्रों की स्थापना की गई। इस प्रयास में डॉक्टरों का सहयोग जरूरी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहाकि विश्व के अनेक देशों में बिग डेटा के इस्तेमाल से मरीजों को बेहतर उपचार देने की दिशा में काम हो रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि भारत में भी डॉक्टर और टेक्नोलॉजिस्ट इस दिशा में और बेहतर काम करेंगे। कार्यक्रम में मंच पर राष्ट्रपति की पत्नी कविता कोविंद, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, स्टांप मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर अभिलाषा गुप्ता, आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, एएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल शुक्ला मौजूद रहे। डॉ. अनिल ने अतिथियों का स्वागत और एएमए सचिव डॉ. त्रिभुवन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. राधारानी घोष ने किया।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश में डॉक्टरों के परिश्रम और योगदान के बल पर अनेक पैमानों पर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। औसत आयु बढ़कर अब 68 वर्ष से अधिक हो गयी है, जो कि आजादी के समय केवल 32 वर्ष थी। चिकित्सकों की सेवा, टीकाकरण समेत अन्य योजनाओं पर प्रभावशाली उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। राष्ट्रपति ने दीप प्रज्ज्वलित कर एएमए के शताब्दी समारोह का बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन किया। उन्होंने शिलापट्ट का अनावरण कर एएमए के सम्मेलन भवन और पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन कर प्रथम दिवस आवरण का लोकार्पण किया।