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प्रयागराज के डीएम को भरना पड़ा हर्जाना, हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना पड़ी भारी
Sat, 17 Oct 2020 04:12 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 17 Oct 2020 04:12 PM IST
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करना डीएम प्रयागराज भानुचंद्र गोस्वामी को भारी पड़ गया। कोर्ट के आदेश पर उनको पांच हजार रुपये हर्जाना भरना पड़ा। इसके बाद ही डीएम को अवमानना की कार्यवाही से निजात मिल सकी। मामला सरोज कुमार मिश्रा द्वारा दाखिल अवमानना याचिका का है। याचिका पर न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने यह आदेश दिया।
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याची ने सरोज कुमार ने इससे पहले भी अवमानना याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने की शिकायत की थी। पहली बार में हाईकोर्ट ने डीएम को एक और मौका देते हुए याचिका निस्तारित कर दी। आदेश का पालन नहीं हुआ तो उसने दोबारा याचिका दाखिल की।
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इस पर कोर्ट ने तीन अक्तूबर को डीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। साथ ही आदेश के पालन का एक और मौका देते हुए कहा कि यदि वह आदेश का पालन कर देते हैं तो उनको व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं होना पड़ेगा। इस सख्त आदेश के बावजूद डीएम ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया।
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पांच अक्तूबर को जब दोबारा याचिका की सुनवाई हुई तो डीएम की ओर से पक्ष रखने कोई वकील उपस्थित नहीं हुआ और न ही अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने डीएम को पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करते हुए 13 अक्तूबर को तलब कर लिया।
हालांकि सरकारी वकील के अनुरोध पर कोर्ट ने वारंट पर तो रोक लगा दी मगर इस शर्त के साथ कि डीएम अपने निजी बैंक खाते से पांच हजार रुपये भरेंगे। साथ ही यह भी हिदायत दी कि यदि आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट नहीं दाखिल की जाती है तो डीएम को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ेगा। हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद डीएम ने हर्जाने की राशि जमा करने के साथ ही कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट पेश की। इसके बाद कोर्ट ने अवमानना याचिका निस्तारित कर दी।