Diwali 2023 : घरों की रौनक बढ़ाएंगे राजस्थानी तोरण, जगमगाएंगे टेराकोटा के दीये
राजस्थानी तोरण घरों की रौनक बढ़ाएंगे। इन्हें खासतौर पर जयपुर और बीकानेर से मंगाया गया है। चटक रंगों के साथ इनमें पीतल और तांबे का भी इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी के चरण, रंगोली, शुभ-लाभ आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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दीपावली के त्योहार पर मेक इन इंडिया की तर्ज पर लोगों के घरों को सजाने के लिए शहर के बाजार रंग-बिरंगी झूमर, वंदनवार, कंडील, कलश, दीपक आदि से सजकर तैयार हो गए हैं। यह सभी सजावट के सामान हाथों से बने हुए हैं और दिल्ली, राजस्थान व कलकत्ता से यहां मंगाए गए हैं।
राजस्थानी तोरण घरों की रौनक बढ़ाएंगे। इन्हें खासतौर पर जयपुर और बीकानेर से मंगाया गया है। चटक रंगों के साथ इनमें पीतल और तांबे का भी इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी के चरण, रंगोली, शुभ-लाभ आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वहीं, इस वर्ष विशेष तौर पर टेराकोटा के बने दीये आए हैं।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक दीये, बैटरी से घूमने वाले दीये भी बाजार में छाए हुए हैं। पांच रुपये से लेकर पांच हजार तक के दीये बाजार में मौजूद हैं। बैटरी वाली एलईडी कैंडल, इलेक्ट्रिक लालटेन, लटकन, पट्टे पर बनी लाइटें भी आकर्षण का केंद्र हैं। हालांकि, सबसे अधिक मांग एलईडी कैंडल की है। छह रंग की रोशनी देने वाली यह कैंडल 30 रुपये प्रति पीस बिक रही है।
कलकत्ता से मंगाए गए आर्टिफिशियल फूलों और पत्तियों से बने तोरण भी लोगों को पसंद आ रहे हैं। इसकी कीमत 200 रुपये से चार हजार रुपये तक है। यह देखने में एकदम असली जैसे दिखाई देते हैं। वहीं, नग और मोती, कांच व सिमर के कपड़े की डिजाइनर वंदनवार की भी खूब मांग है।
चौक क्षेत्र के कारोबारी मानव सिंह बताते हैं कि इस बार दीपावली के मौके पर सजावटी सामान में कांच के बने आइटम, एलईडी कैंडल, इलेक्ट्रिक दीपक, सतरंगी लैंप, तोरण के नए डिजाइन आदि पसंद किए जा रहे हैं। बाजार में मोर पंखों की भी खूब मांग है। कटरा बाजार के प्रकाश कुमार ने बताया कि इस वर्ष लोग डिजाइनर दीये, कैंडल, रंग-बिरंगे तोरण काफी पसंद कर रहे हैं। उम्मीद है कि दीपावली के दिन और भी ज्यादा बिक्री होगी।