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बार कौंसिल में गहराया दो अध्यक्षों का विवाद
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बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्यों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कौंसिल के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र मिश्र नगरहा ने बीसीआई द्वारा काम करने से रोके गए अध्यक्ष हरिशंकर सिंह पर कौंसिल पहुंचकर सदस्यों से गाली गलौज और एक सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी का नाम तख्ती से मिटवा देने का आरोप लगाया है।
वहीं हरिशंकर सिंह ने अपने कमरे का ताला तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है। उनका कहना है कि उनकी गैरमौजूदगी में कुछ लोगों ने उनके कमरे का ताला तोड़कर दस हजार रुपये और चार फाइलें गायब कर दी हैं। शिकायत पर सिविल लाइंस सीओ और थाना प्रभारी ने मौके पर जाकर जांच भी की है।
कार्यवाहक अध्यक्ष नगरहा का कहना है कि हरिशंकर सिंह छह जून को बार कौंसिल पहुंचे। उस वक्त अध्यक्ष के कमरे में वह स्वयं और दो सदस्य अब्दुल रज्जाक तथा अखिलेश अवस्थी मौजूद थे। उन्होंने सभी को गालियां दीं। कौंसिल में 13 जून को मुख्य न्यायमूर्ति को आना है।
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इसके लिए साफ सफाई का काम चल रहा है। हरिशंकर सिंह ने रविवार को बार कौंसिल में साफ सफाई के लिए बुलाए गए मजदूरों को भगा दिया। कार्यवाहक अध्यक्ष का कहना है कि ताला तोड़े जाने की घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। दूसरी ओर हरिशंकर सिंह का कहना है कि उनको बीसीआई ने गलत तरीके से काम करने से रोका है। उनको ऐसा करने का अधिकार नहीं है। किसी कार्यवाहक अध्यक्ष को अपने नाम के आगे अध्यक्ष लिखने का अधिकार नहीं है और न ही सदस्य को अध्यक्ष की नाम पट्टिका पर अपना नाम लिखवाने का अधिकार है। नगरहा और श्रीनाथ त्रिपाठी ने ऐसा किया। इसलिए मैंने नाम हटवा दिए हैं।
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वहीं हरिशंकर सिंह ने अपने कमरे का ताला तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है। उनका कहना है कि उनकी गैरमौजूदगी में कुछ लोगों ने उनके कमरे का ताला तोड़कर दस हजार रुपये और चार फाइलें गायब कर दी हैं। शिकायत पर सिविल लाइंस सीओ और थाना प्रभारी ने मौके पर जाकर जांच भी की है।
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कार्यवाहक अध्यक्ष नगरहा का कहना है कि हरिशंकर सिंह छह जून को बार कौंसिल पहुंचे। उस वक्त अध्यक्ष के कमरे में वह स्वयं और दो सदस्य अब्दुल रज्जाक तथा अखिलेश अवस्थी मौजूद थे। उन्होंने सभी को गालियां दीं। कौंसिल में 13 जून को मुख्य न्यायमूर्ति को आना है।
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इसके लिए साफ सफाई का काम चल रहा है। हरिशंकर सिंह ने रविवार को बार कौंसिल में साफ सफाई के लिए बुलाए गए मजदूरों को भगा दिया। कार्यवाहक अध्यक्ष का कहना है कि ताला तोड़े जाने की घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। दूसरी ओर हरिशंकर सिंह का कहना है कि उनको बीसीआई ने गलत तरीके से काम करने से रोका है। उनको ऐसा करने का अधिकार नहीं है। किसी कार्यवाहक अध्यक्ष को अपने नाम के आगे अध्यक्ष लिखने का अधिकार नहीं है और न ही सदस्य को अध्यक्ष की नाम पट्टिका पर अपना नाम लिखवाने का अधिकार है। नगरहा और श्रीनाथ त्रिपाठी ने ऐसा किया। इसलिए मैंने नाम हटवा दिए हैं।