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पीसीएसजे प्री के खिलाफ याचिका खारिज
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 16 Dec 2016 01:41 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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पीसीएस जे प्रारंभिक परीक्षा में सवालों के गलत उत्तर विकल्प को लेकर दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने लोक सेवा आयोग के गलत विकल्प उत्तर के मामले में तैयार फार्मूले को सही करार देते हुए कहा है कि इससे किसी के साथ भेदभाव नहीं होता है। दीपिका राणा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार की खंडपीठ ने दिया है।
याचिका में कहा गया कि सामान्य अध्ययन के प्रश्न 117 में दिए गए तीन विकल्प प्रश्न के सही उत्तर थे।
याची को 272 अंक मिले हैं जबकि अंतिम सफल अभ्यर्थी को 273 अंक मिले हैं। ऐसे में उसे भी सफल घोषित किया जाए। आयोग की ओर से बताया कि जिन प्रश्नों में कई सही विकल्प दिए गए थे, उनको हल करने वाले सभी अभ्यर्थियों को अंक दिए गए हैं तथा जो प्रश्न ही गलत थे उनको हटाकर उनका औसत अंक समान रूप से दिया गया है। इसके बाद ही परिणाम घोषित किया गया है। कोर्ट ने इस फार्मूले को सही करार देते हुए याचिका खारिज कर दी है।
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याचिका में कहा गया कि सामान्य अध्ययन के प्रश्न 117 में दिए गए तीन विकल्प प्रश्न के सही उत्तर थे।
याची को 272 अंक मिले हैं जबकि अंतिम सफल अभ्यर्थी को 273 अंक मिले हैं। ऐसे में उसे भी सफल घोषित किया जाए। आयोग की ओर से बताया कि जिन प्रश्नों में कई सही विकल्प दिए गए थे, उनको हल करने वाले सभी अभ्यर्थियों को अंक दिए गए हैं तथा जो प्रश्न ही गलत थे उनको हटाकर उनका औसत अंक समान रूप से दिया गया है। इसके बाद ही परिणाम घोषित किया गया है। कोर्ट ने इस फार्मूले को सही करार देते हुए याचिका खारिज कर दी है।
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