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Discus Throw : नीतिका वर्मा ने खेल छोड़ने का कर लिया था फैसला, अब डब्ल्यूएओ की शीर्ष रैंकिंग में

Thu, 19 Oct 2023 02:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 Oct 2023 02:52 PM IST
सार

नीतिका वर्मा ने बीते शुक्रवार को ही कर्नाटक में आयोजित 62वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। मूलरूप से कानपुर के उन्नाव की रहने वाली नीतिका वर्मा पिछले पांच साल से मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में कोच देवी प्रसाद से प्रशिक्षण ले रही हैं।

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Discus Throw: Nitika Verma had decided to leave the sport, now in top ranking of WAO
नीतिका वर्मा, एथलेटिक्स। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

वर्ल्ड एथलेटिक्स आर्गेनाइजेशन की ओर से जारी रैंकिंग के मुताबिक डिस्कस थ्रो में भारतीय महिला खिलाड़ियों की सूची में तीसरा स्थान हासिल करने वाली नीतिका वर्मा के प्रयासों की कहानी संघर्ष भरी है। प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली नीतिका ने 51.21 अंक प्राप्त कर यह उपलब्धी हासिल की है।

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नीतिका वर्मा ने बीते शुक्रवार को ही कर्नाटक में आयोजित 62वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। मूलरूप से कानपुर के उन्नाव की रहने वाली नीतिका वर्मा पिछले पांच साल से मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में कोच देवी प्रसाद से प्रशिक्षण ले रही हैं।
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नीतिका की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पिता रामलाल वर्मा होमगार्ड हैं। परिवार में मां गोमती वर्मा के अलावा भाई जतिन और बहन दीपाली हैं। पिता की छोटी सी नौकरी से परिवार का खर्च चलना मुश्किल था। स्कूली स्तर पर एथलेटिक्स में अच्छा खेलने के बाद जब नीतिका ने प्रयागराज आने की इच्छा जताई तो पिता ने साफ मना कर दिया। हालांकि, मां ने नीतिका को प्रयागराज भेजने में अहम भूमिका निभाई।

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खेल छोड़ने का फैसला लिया तो पड़ी डांट

नीतिका बताती हैं कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने खेल छोड़ने का फैसला कर लिया। जब यह बात मां को बताई तो खूब डांट पड़ी। उन्होंने मां से कहा कि खेलकर कुछ नहीं होने वाला और पैसे तो बिल्कुल नहीं मिलने वाले। हालांकि, मां ने उन्हें डांट लगाते हुए अपने लक्ष्य पर अडिग रहने के लिए प्रेरित किया। नीतिका बताती हैं कि उस दिन से उनके मन में दोबारा खेल छोड़ने का ख्याल भी नहीं आया, बल्कि दोगुनी मेहनत करने की प्रेरणा मिली। नीतिका के अनुसार उनका सपना भले ही ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने का है, लेकिन वह छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का प्रयास करती हैं।

कमरे में बनाया खाना, लड़कों के साथ की तैयारी


आमतौर पर प्रयागराज में लोग प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए कमरा लेते हैं, लेकिन नीतिका ने पत्रिका चौराहे पर कमरा लेकर स्टेडियम में सुबह शाम अभ्यास किया। खुद ही खाना बनाकर वह अपनी फिटनेस का भी ध्यान रखती हैं। डिस्कस थ्रो के खेल में लड़कियों की संख्या कम होने के चलते उन्होंने ज्यादातर लड़कों के साथ ही अभ्यास किया और बड़ी प्रतियोगिताओं में खुद को साबित किया। खेल में उम्दा प्रदर्शन के चलते ही उन्हें वर्ष 2019 में आईटीबीपी में खेल कोटे से नौकरी मिली।

नीतिका वर्मा की उपलब्धियां
 
  • खेलो इंडिया दिल्ली 2017 : कांस्य
  • यूथ नेशनल गुजरात 2017 : रजत
  • फेडरेशन कप गुजरात 2019 : रजत
  • जूनियर नेशनल गुवाहटी 2021 : कांस्य
  • अंडर-23 चैंपियनशिप दिल्ली 2021 : कांस्य
  • राष्ट्रीय खेल गुजरात 2022 : रजत
  • ओपन चैंपियनशिप कर्नाटक 2022 : कांस्य
  • ओपन नेशनल कर्नाटक 2023 : रजत
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