फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   DG Fire should take a decision on giving the promoted pay scale of the post of Chief Fire Officer to the fire officers

अग्निशमन अधिकारियों को चीफ फायर ऑफिसर पद का प्रोन्नत वेतनमान देने पर डीजी फायर लें निर्णय

Fri, 29 Apr 2022 02:13 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 29 Apr 2022 02:13 AM IST
सार

यह आदेश जस्टिस मंजू रानी चौहान ने अग्निशमन अधिकारी कुलदीप कुमार, ज्ञान प्रकाश शर्मा, संजीव कुमार सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि याचीगण की नियुक्ति वर्ष 1997 में फायर स्टेशन द्वितीय ऑफिसर के पद पर हुई थी।

विज्ञापन
DG Fire should take a decision on giving the promoted pay scale of the post of Chief Fire Officer to the fire officers
allahabad high court - फोटो : social media

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अग्निशमन अधिकारियों के पक्ष में राहत भरा आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया है कि फायर सर्विस में अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पद पर नियुक्त 16 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके अधिकारियों को चीफ फायर ऑफिसर पद का वेतनमान ग्रेड पे 5400 देने पर डीजी फायर सर्विसेस लखनऊ निर्णय लें।

विज्ञापन



यह आदेश जस्टिस मंजू रानी चौहान ने अग्निशमन अधिकारी कुलदीप कुमार, ज्ञान प्रकाश शर्मा, संजीव कुमार सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि याचीगण की नियुक्ति वर्ष 1997 में फायर स्टेशन द्वितीय ऑफिसर के पद पर हुई थी। याचीगणों को वर्ष 2008 में फायर स्टेशन ऑफिसर के पद पर प्रोन्नति प्रदान की गई। परंतु उन्हें न तो द्वितीय प्रोन्नति वेतनमान 5400 ग्रेड पे दिया जा रहा था और न ही उनके द्वारा की गई प्रशिक्षण की अवधि को सेवा में जोड़ा जा रहा था।

विज्ञापन

वरिष्ठ अधिवक्ता गौतम का तर्क था कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश 26 अगस्त 2015, 3 मार्च 2015,  5 नवंबर 2014 एवं 21 जुलाई 2011 के तहत वे सभी अग्निशमन अधिकारी जिन्होंने विभाग में 16 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें उनके द्वारा की गई प्रशिक्षण अवधि को जोड़ते हुए द्वितीय प्रोन्नति वेतनमान 5400 चीफ फायर ऑफिसर के पद का दिया जाना चाहिए। कहा गया था कि याची सातवें वेतन आयोग का लाभ भी पाने के हकदार हैं।


बहस की गई कि लालबाबू शुक्ला के प्रकरण में कोर्ट द्वारा प्रतिपादित किए गए विधि सिद्धांत के अनुसार याचीगण की प्रशिक्षण की अवधि उनकी सेवाओं में जोड़ी जानी चाहिए तथा चीफ फायर ऑफिसर के पद का ग्रेड पे 5400 दिया जाए। मामले के अनुसार सभी याचियों की सेवाएं 16 वर्ष से ज्यादा की थी। हाईकोर्ट ने डीजी फायर सर्विस को निर्देश दिया है कि वह तीन माह के अंदर उन सभी फायर स्टेशन ऑंफीसर्स की जिन्होंने 16 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है उनके प्रशिक्षण अवधि को सेवा में जोड़कर द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान 5400 ग्रेड पे दिए जाने को लेकर नियमानुसार आदेश पारित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed