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ट्रिपल हत्याकांड में निर्णय टला
Sun, 07 Apr 2019 12:41 AM IST
विनोद सिंह
News Desk, Amarujala, Prayagraj
News Desk, Amarujala, Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 07 Apr 2019 12:41 AM IST
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बहराइच के ट्रिपल हत्याकांड का निर्णय हाईकोर्ट के आदेश के बाद अगली सुनवाई तक के लिए टल गया है। प्रकरण में महसी विधानसभा के विधायक सुरेश्वर सिंह सहअभियुक्त हैं। एमपीएमएलए कोर्ट ने शनिवार को फैसले की तारीख नियत की थी। मुकदमे की सुनवाई कर रहे स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने 17 अप्रैल की तारीख नियत करते हुए अभियुक्तगण को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया है।
घटना 24 साल पूर्व 29 जून 1995 की बहराइच के हरदी थाने की है। वादी शिवमंगल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कैसरगंज तहसील बैनाम करने गए थे। लौटते समय सहअभियुक्त सुरेश्वर सिंह अन्य अभियुक्तों के साथ हमला कर दिया था। जिसमें गोकर सिंह, बजरंगी सिंह और अमरीका सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी।
पुलिस ने विवेचना बाद विधायक सुरेश्वर सिंह, बृजेश्वर सिंह, कौशल किशोर उर्फ डिप्टी, महाराजदीन मिश्रा, बृजलाल, अवधेश सिंह, कौशल सिंह, राधामोहन सिंह और राजू भुंजवा के खिलाफ आरोप पत्र भेजा था। पत्रावली सुनवाई के लिए अंतरित होकर स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए आई है। हाईकोर्ट ने मुकदमे के शीघ्र निस्तारण का आदेश पारित किया है। प्रकरण की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छह अप्रैल को निर्णय की तारीख नियत की थी।
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शनिवार को बचाव पक्ष की ओर से हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत की गई। जिसमें निर्देशित किया गया है कि निर्णय की घोषणा प्रकरण के सूचीबद्ध होने तक रोकी जाती है। कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में निर्णय घोषित नहीं किया है।
नसीमउद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ वारंट
विधानसभा के सामने प्रदर्शन कर यातायात ठप करने के मामले में स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने बसपा सरकार के पूर्व मंत्री नसीमउद्दीन सिद्दीकी और रामअचल राजभर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 25 मई 2019 को होगी।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है। घटना 21 जुलाई 2016 की लखनऊ के हजरतगंज थाने की है। आरोप है कि बीएसपी के हजारों कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारियों ने भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह द्वारा पूर्व में दिए बयान के विरोध में नारेबाजी करते हुए विधान सभा के सामने प्रदर्शन करने लगे जिससे यातायात प्रभावित हुआ था।
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घटना 24 साल पूर्व 29 जून 1995 की बहराइच के हरदी थाने की है। वादी शिवमंगल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कैसरगंज तहसील बैनाम करने गए थे। लौटते समय सहअभियुक्त सुरेश्वर सिंह अन्य अभियुक्तों के साथ हमला कर दिया था। जिसमें गोकर सिंह, बजरंगी सिंह और अमरीका सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी।
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पुलिस ने विवेचना बाद विधायक सुरेश्वर सिंह, बृजेश्वर सिंह, कौशल किशोर उर्फ डिप्टी, महाराजदीन मिश्रा, बृजलाल, अवधेश सिंह, कौशल सिंह, राधामोहन सिंह और राजू भुंजवा के खिलाफ आरोप पत्र भेजा था। पत्रावली सुनवाई के लिए अंतरित होकर स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए आई है। हाईकोर्ट ने मुकदमे के शीघ्र निस्तारण का आदेश पारित किया है। प्रकरण की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छह अप्रैल को निर्णय की तारीख नियत की थी।
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शनिवार को बचाव पक्ष की ओर से हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत की गई। जिसमें निर्देशित किया गया है कि निर्णय की घोषणा प्रकरण के सूचीबद्ध होने तक रोकी जाती है। कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में निर्णय घोषित नहीं किया है।
नसीमउद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ वारंट
विधानसभा के सामने प्रदर्शन कर यातायात ठप करने के मामले में स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने बसपा सरकार के पूर्व मंत्री नसीमउद्दीन सिद्दीकी और रामअचल राजभर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 25 मई 2019 को होगी।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है। घटना 21 जुलाई 2016 की लखनऊ के हजरतगंज थाने की है। आरोप है कि बीएसपी के हजारों कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारियों ने भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह द्वारा पूर्व में दिए बयान के विरोध में नारेबाजी करते हुए विधान सभा के सामने प्रदर्शन करने लगे जिससे यातायात प्रभावित हुआ था।