पांच दोस्तों की मौत से कोहराम : घाट से मोर्चरी तक मची रही चीख पुकार, बेटों को याद कर बिलखते रहे परिजन
हिमांशु के पिता राजेश मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि हिमांशु उनके दो बेटों व एक बेटी में छोटा था। वह एक चाट-फुल्की की दुकान पर काम करता था। बताया कि वह सुबह अपने दोस्तों के साथ निकला था। दोपहर में 11 बजे के करीब सूचना मिली तो वह अपने छोटे भाई नरेश के साथ मौके पर पहुंचे।
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गंगा में डूबने से पांच दोस्तों की मौत के बाद उनके परिवारों में कोहराम मचा रहा। म्योराबाद में गंगा घाट से मोर्चरी तक चीखपुकार मची रही। मोर्चरी में आकाश की मां व उसका छोटा भाई बिलखते रहे तो हिमांशु का पिता फूट-फूटकर रोता रहा। उधर, प्रियांशु के मामा व अन्य परिजन गहरे सदमे में रहे।
हिमांशु के पिता राजेश मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि हिमांशु उनके दो बेटों व एक बेटी में छोटा था। वह एक चाट-फुल्की की दुकान पर काम करता था। बताया कि वह सुबह अपने दोस्तों के साथ निकला था। दोपहर में 11 बजे के करीब सूचना मिली तो वह अपने छोटे भाई नरेश के साथ मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे बाद पुलिस के आने पर गोताखोर नदी में उतरे तब एक-एक कर पांचों को बाहर निकाला गया।
सबसे आखिरी में हिमांशु का शव खोजा जा सका। बताया कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, वहां उसका भांजा आर्यन भी मौजूद था। उसने पूरी घटना बयां की। पांचों के हाथ-पैर ठंडे पड़ चुके थे। इसके बाद शव मोर्चरी भिजवाए गए। उन्होंने बताया कि सुबह बेटे को कहीं जाने से मना भी किया था। काश वह उसकी बात मान लेता। आंखों के सामने घटना होने के बाद आर्यन भी सदमे में है। बताया कि वह मूलरूप से सोरांव के हथिगवां के रहने वाले हैं और वर्तमान में म्योराबाद गणेश नगर में पत्नी रीता व बच्चों संग रहते हैं।
बदहवास हो गई आकाश की मां, बेटे को दिखाने की लगाती रही गुहार
मृत आकाश की मां मनीषा हादसे की खबर मिलने पर बदहवास हो गई। मोर्चरी पहुंचने पर वह बार-बार बेटे का चेहरा दिखाने की गुहार लगाती रही। उसकी हालत देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पहले उससे कहा कि आकाश का इलाज चल रहा है। हालांकि, थोड़ी देर बाद जैसे ही बेटे के दुनिया में न रहने की बात पता चली, वह चीख-चीखकर रोने लगी। उसे देख छोटा बेटा विकास भी बिलखने लगा। काफी देर बाद मां-बेटे खुद को संभाल सके।
मनीषा ने बताया कि उसके पति राजनारायण कार चलाते हैं और शुक्रवार को ही बाहर गए हैं। वह रात तक वापस लौटेंगे। बताया कि वह मूल रूप से कोटा, भवानीगंज प्रतापगढ़ की रहने वाली है। म्योराबाद में किराये पर कमरा लेकर रहती है। आकाश उसके दो बेटों में बड़ा था। वह जगराम चौराहे के पास स्थित नगर निगम से संचालित स्कूल में आठवीं में पढ़ता था। बताया कि आकाश को सुबह शनि घर से बुलाकर ले गया था। उसने नहीं बताया था कि वह नदी के पास जा रहे हैं।
पिता के बाद मां का सहारा था प्रियांशु
घटना में जान गंवाने वाला प्रियांशु मां अनीता देवी का सहारा था। उसके पिता फूलचंद का चार साल पहले निधन हो चुका है। एक छोटे भाई व बहन के साथ रहता था। मोर्चरी पहुंचे उसके मामा फूलचंद ने बताया कि बहन अनीता तीनों बच्चों को लेकर शहर में रहती थी। प्रियांशु सहसों के शिवाजी इंटर कॉलेज में नौंवी कक्षा का छात्र था।
आंखों के सामने डूब गया भाई
म्योराबाद निवासी शमशेर इस घटना के बाद थर-थर कांपता रहा। उसकी आंखों के सामने उसका भाई मुलायम नदी में डूब गया। पिता गिरधारी लाई-चना का ठेला लगाते हैं। उसने बताया कि वह भी सभी के साथ मछली पकड़ने गया था। हिमांशु नदी में नहाने के लिए उतर गया। नहाते-नहाते वह गहराई में चला गया। उसे बचाने के लिए उसका भाई मुलायम नदी में गया और वह भी डूबने लगा। इस तरह से आकाश व प्रियांशु भी डूब गए। यह देख वह और मौके पर मौजूद आर्यन दहशत में आ गए। फिर आर्यन ने फोन कर हिमांशु के पिता को हादसे के बारे में बताया।
मां-बाप का इकलौता बेटा था शनि
घटना में मृत शनि अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसके पिता घर पर ही रहते हैं, जबकि मां घरों में काम करती हैं। घटना में मृत आकाश और वह पड़ोसी थे। ऐसे में अक्सर वे साथ ही रहते थे। आकाश की मां मनीषा ने बताया कि शनि को उसकी मां अक्सर घूमने के लिए मना करती थी।