फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   death of advocate in the hospital two nominated including the director of the hospital

Prayagraj : अस्पताल में अधिवक्ता की मौत पर जमकर हंगामा, हॉस्पिटल के डायरेक्टर समेत दो नामजद

Mon, 10 Oct 2022 09:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 10 Oct 2022 09:23 PM IST
सार

जिला अदालत में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता वरुण तेलियरगंज में न्यू मेहंदौरी के रहने वाले थे। आठ अक्तूबर को तबियत बिगड़ने पर उन्हें रात 2.30 बजे के करीब सिविल लाइंस में थार्नहिल रोड स्थित एस गैस्ट्रोकेयर एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

विज्ञापन
death of advocate in the hospital two nominated including the director of the hospital
Prayagraj News : अधिवक्ता वरुण श्रीवास्तव (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सिविल लाइंस स्थित एस अस्पताल में अधिवक्ता वरुण श्रीवास्तव(40) की मौत पर सोमवार को जमकर हंगामा हुुआ। साथी अधिवक्ताओं व परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही गेट बंद कर दिया। करीब छह घंटे बाद मुकदमा लिखे जाने पर मामला शांत हुआ। पुलिस ने डायरेक्टर समेत दो डॉक्टरों पर नामजद केस दर्ज किया है। 

विज्ञापन



जिला अदालत में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता वरुण तेलियरगंज में न्यू मेहंदौरी के रहने वाले थे। आठ अक्तूबर को तबियत बिगड़ने पर उन्हें रात 2.30 बजे के करीब सिविल लाइंस में थार्नहिल रोड स्थित एस गैस्ट्रोकेयर एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह आठ बजे के करीब उनकी मौत हो गई। सूचना पर तमाम अधिवक्ता साथी भी जुट गए। इसी दौरान परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। यह सुनते ही अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। उन्होंने गेट बंद कर दिया। सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस पहुंची लेकिन अधिवक्ता शांत नहीं हुए। 
विज्ञापन



बाद में नामजद मुकदमा लिखे जाने के बाद अधिवक्ता शांत हुए और तब करीब छह घंटे बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर डॉ. मंजुल व डॉ. आलोक मिश्रा पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

death of advocate in the hospital two nominated including the director of the hospital
Prayagraj News : यश हास्पिटल में अधिवक्ता की मौत के बाद जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

बुलाने पर भी नहीं आए डॉक्टरभाई तरुण ने बताया कि मृतक का इलाज डॉ. आलोक मिश्रा व डॉ. मंजुल मिश्रा की देखरेख में चल रहा था। भर्ती कराने पर एंडोस्कोपी के बाद डॉक्टरों ने सब नॉर्मल होने की बात कही थी। नौ अक्तूबर को डॉ. मंजुल ने दोबारा एंडोस्कोपी करते हुए बताया कि आंत में टेपिंग कर दी गई है। इसके बावजूद खून बहना नहीं बंद हुआ। जानकारी देने पर डॉक्टरों ने उसे ही डांटते हुए चुप करा दिया। कहा कि ज्यादा डॉक्टरी मत करो। आरोप है कि लगातार खून बहता रहा, इसके बावजूद न तो सही इलाज हुआ और न ही सही जानकारी दी गई। हालत बिगड़ने पर सुबह तीन बजे से बुलवाया जाता रहा लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया। इससे सुबह 7.50 मिनट पर उसके भाई की मौत हो गई। 

death of advocate in the hospital two nominated including the director of the hospital
Prayagraj News : यश हास्पिटल में अधिवक्ता की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।

आरोप गलत, अस्पताल में तोड़फोड़ व मारपीट हुई
उधर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. आलोक मिश्रा ने मृतक के परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। बताया कि मरीज सिरोसिस व पेट के अल्सर से पीड़ित था। इलाज परिजनों की सहमति व पारदर्शिता से किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौत के बाद जुटी भीड़, जिसमें अधिवक्ता भी शामिल थे, ने स्टाफ से गालीगलौज, मारपीट की। अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। मृतक की भर्ती फाइल भी छीन ले गए। पुलिस के सामने 5-6 घंटे तक तांडव चलता रहा। आरोप यह भी है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवमानना करते हुए पुलिस ने बिना विशेषज्ञ से जांच कराए चिकित्सा लापरवाही के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed